आठ वर्षों से सूखी पड़ी चांदपुर-चकरी नहर, पानी के अभाव में सूखने लगा धान का बिचड़ा
सिवान (बिहार) संवाददाता बिट्टू यादव: सिसवन प्रखंड क्षेत्र के किसानों के सामने इस बार खरीफ खेती की शुरुआत में ही सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। चांदपुर-चकरी, नंदामुड़ा, तिलौता होते हुए सुबही तक जाने वाली नहर पिछले आठ वर्षों से सूखी पड़ी है। इस वर्ष भी नहर में अब तक पानी नहीं छोड़े जाने के कारण धान का बिचड़ा सूखने लगा है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
धान की रोपाई का समय नजदीक आने के बावजूद नहर में पानी नहीं पहुंचने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बिचड़ा तैयार करने के लिए उन्हें डीजल पंप के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि जल्द नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की रोपाई प्रभावित होगी और उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
जिला परिषद सदस्य ब्रजेश कुमार सिंह ने जिलाधिकारी से चांदपुर-चकरी नहर में अविलंब पानी छोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नहर में पानी आने से चांदपुर, चकरी, नंदामुड़ा, तिलौता, सुबही समेत आसपास के गांवों के हजारों किसानों को राहत मिलेगी और समय पर धान की खेती संभव हो सकेगी।
उन्होंने प्रशासन से किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि खरीफ फसल को नुकसान से बचाया जा सके और किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
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