बिहार: 50 हजार रुपये रिश्वत लेते दारोगा जी को निगरानी ने रंगे हाथ दबोचा, जांच के नाम पर मांगी थी घूस
पटना/औरंगाबाद, 31 जुलाई 2026
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (वीआईबी) को एक बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने औरंगाबाद जिले के रिसिअप थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) उमेश कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई शुक्रवार को रिसिअप थाना के पीछे स्थित पंचायत भवन के सामने सड़क पर की गई।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, गणपत तेन्दुआ गांव निवासी लक्ष्मण राम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले में कुछ धाराएं हटाने और उनके दो पुत्रों का नाम केस से निकालने के बदले दारोगा उमेश कुमार 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। रिश्वत नहीं देने पर गंभीर धाराएं जोड़ने की धमकी भी दी जा रही थी।
शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या-091/26 दर्ज किया गया। इसके बाद वरीय पुलिस उपाधीक्षक संतोष कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष धावा दल ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी दारोगा को रिश्वत की राशि लेते समय गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। निगरानी ब्यूरो ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे तेज कार्रवाई का दावा
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2026 में यह भ्रष्टाचार से संबंधित 91वां मामला दर्ज किया गया है, जबकि 84वां ट्रैप केस है। अब तक 83 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 30,13,800 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। ब्यूरो का कहना है कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई पिछले सात वर्षों की तुलना में सबसे अधिक और तेज रही है तथा आगे भी यह अभियान और तेज किया जाएगा।
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