विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधा वितरण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: छपरा में विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर कौशिकी रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के प्रधान कार्यालय में पौधा वितरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया गया तथा अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के संरक्षक सह वरीय पत्रकार धर्मेंद्र रस्तोगी ने कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” रखी गई है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के बिना बेहतर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती, लेकिन इंसानों द्वारा लगातार पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल औपचारिकता निभाने का दिन नहीं है, बल्कि इस दिन लिए गए संकल्प को पूरा करने की जिम्मेदारी भी सभी को उठानी होगी। सिर्फ पौधा लगाकर कर्तव्य पूरा नहीं हो जाता, बल्कि उसकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। तभी पर्यावरण संरक्षण का वास्तविक उद्देश्य सफल हो सकेगा।
संस्था की वरीय सदस्या पुष्पा सिंह ने घर-घर जाकर लोगों के बीच तुलसी के पौधों का वितरण किया तथा शुद्ध वातावरण बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने लोगों को पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने आसपास हरियाली बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में संस्था की संस्थापिका डॉ. अंजली सिंह के प्रयासों की भी सराहना की गई। बताया गया कि उन्होंने अब तक लाखों तुलसी पौधों का वितरण किया है, जिसके कारण वे समाज में “तुलसी दीदी” के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी हैं। उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण तैयार करना है।
बीके दिवाकर भाई ने धर्मग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों और प्रकृति को विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के कारण पर्यावरणीय संतुलन बना रहता था। उन्होंने लोगों से प्रकृति संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की।
वहीं सत्येंद्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी लोगों को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को पेड़-पौधे लगाने के फायदे बताने के साथ-साथ पर्यावरण संकट के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। तेजी से खत्म होते जंगल, बढ़ता वायु प्रदूषण, जल संकट और प्राकृतिक आपदाएं पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं।
इस अवसर पर शिक्षिका स्नेहा कुमारी, मुन्नी देवी सहित संस्था से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।

