सामाजिक व सांस्कृतिक बाधाओं को तोड़ना ही रक्तदान का असली उद्देश्य- जिलाधिकारी
जौनपुर (उत्तर प्रदेश) | 14 जून 2026
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जौनपुर जिला अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में सामाजिक संगठन ठाकुर बाड़ी महिला विकास कल्याण समिति, सिंगरामऊ द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में संस्था से जुड़े पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके सेवा भाव की सराहना की।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान का उद्देश्य केवल किसी मरीज की जान बचाना भर नहीं है, बल्कि समाज में फैली उन सामाजिक और सांस्कृतिक भ्रांतियों को तोड़ना भी है, जो लोगों को इस महान कार्य से दूर रखती हैं। उन्होंने कहा कि जब एक व्यक्ति का रक्त दूसरे अनजान व्यक्ति की रगों में दौड़ता है, तब जाति, धर्म और वर्ग की दीवारें स्वतः समाप्त हो जाती हैं। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इसी क्रम में पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित मेजर ध्यानचंद क्रीड़ा स्थल में भी एक अन्य रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। ठाकुर बाड़ी महिला विकास कल्याण समिति द्वारा राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के सहयोग तथा वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सुरक्षित ब्लड कलेक्शन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित संगोष्ठी में संस्था प्रमुख डॉ. अंजू सिंह ने कहा कि युवाओं को बिना किसी स्वार्थ के मानवीय आधार पर रक्तदान अभियान का नेतृत्व करना चाहिए।
संगोष्ठी में महेंद्र शुक्ला ने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियों को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। वहीं डॉ. सुरेश त्रिपाठी ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखते हुए बताया कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में रक्त की मांग लगातार बनी रहती है और अब तक मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं हो पाया है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान ही एकमात्र प्रभावी उपाय है।
रक्तदान शिविर में महेंद्र शुक्ला, डॉ. सुरेश त्रिपाठी सहित कुल 25 लोगों ने रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया।
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