विश्वामित्र सेना ने उठाई बक्सर कॉरिडोर निर्माण की मांग, अयोध्या-काशी की तर्ज पर विकास की पैरवी
पटना (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: राजधानी पटना स्थित होटल चाणक्य में आयोजित प्रेस वार्ता में विश्वामित्र सेना ने बक्सर को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाने की मांग करते हुए अयोध्या और काशी की तर्ज पर बक्सर कॉरिडोर के निर्माण की वकालत की। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कहा कि बक्सर महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि होने के साथ-साथ भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक प्रसंगों का साक्षी रहा है। इसके बावजूद इस पवित्र स्थल को आज तक वह पहचान और आधारभूत सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं, जिसकी यह हकदार है।
राजकुमार चौबे ने कहा कि यदि बिहार में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देनी है तो बक्सर के समग्र विकास के लिए विशेष योजना बनाकर कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इस परियोजना के पूरा होने से देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, छोटे व्यवसाय और पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान विश्वामित्र सेना ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से बक्सर कॉरिडोर परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने तथा बक्सर के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। संगठन का कहना था कि यह परियोजना न केवल बक्सर बल्कि पूरे बिहार की धार्मिक पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।
इस अवसर पर अशोक उपाध्याय, भावना शर्मा, बलराम मिश्रा, अर्जुन तिवारी, रवि राय सहित विश्वामित्र सेना के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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