ई. साक़िब हसन ने 222वीं मेरिट रैंक के साथ बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर बने एसडीएम, बढ़ाया सारण जिले का मान
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के ब्रह्मपुर एन.एम. कॉलोनी निवासी तथा छपरा जंक्शन रेलवे से सेवानिवृत्त ट्रेन मैनेजर मेल/एक्स एवं प्रसिद्ध शायर डॉ. ऐनुल बरौलवी के भतीजे ई. साक़िब हसन ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 222वीं मेरिट रैंक प्राप्त कर एसडीएम (उप समाहर्ता) पद हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
ई. साक़िब हसन मूल रूप से गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड अंतर्गत कोटवां गांव के निवासी हैं। वे स्वर्गीय अबुल हसन अंसारी (सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक) एवं मोहतरमा शाफिया हसन (सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका) के छोटे पुत्र तथा स्वर्गीय मोहम्मद हबीब अंसारी (पूर्व प्रधानाध्यापक, हाई स्कूल) के पौत्र हैं।
साक़िब हसन की सफलता को लेकर गोपालगंज और सारण जिले में उत्साह का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उनकी कठिन मेहनत, लगन, अनुशासन तथा माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों के आशीर्वाद के कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी। परिवार के सदस्यों ने विशेष रूप से उनकी माता शाफिया हसन और बड़े भाई शाहिद हसन के सहयोग को इस सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
मेहनत और लगन का मिला प्रतिफल
साक़िब हसन ने बीपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने का कार्य किया है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से अन्य युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।
शायराना अंदाज में दी बधाई
अपने भतीजे की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रसिद्ध शायर डॉ. ऐनुल बरौलवी ने कहा—
"अपनी मंज़िल पाने की ख़ातिर किया दिन-रात एक,
पत्थरों-काँटों पे चलकर ख़ुद बनाया रास्ता।"
उन्होंने कहा कि साक़िब की कठिन मेहनत, लगन और ईश्वर की कृपा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। साथ ही माता-पिता का आशीर्वाद, गुरुजनों का मार्गदर्शन और शुभचिंतकों की दुआएं भी उनकी सफलता में सहायक रहीं।
बधाइयों का लगा तांता
ई. साक़िब हसन के एसडीएम बनने की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं साहित्यिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

