🌳 पेड़ कटे, क्या करें 🌳
/// जगत दर्शन न्यूज
पेड़ कटे, क्या करें,
धूप कड़ी, क्या करें।
नदियाँ सब बीमार हैं,
प्यास बढ़ी, क्या करें।
धुआँ चढ़ा आकाश पर,
साँस रुकी, क्या करें।
माटी ज़हरीली हुई,
फसल मरी, क्या करें।
चुप सारे जलचर अब,
नदिया घटी, क्या करें।
शोर बहुत है जंगल में,
चिड़िया डरी, क्या करें।
बर्फ़ पिघलती रात-दिन,
आँच बढ़ी, क्या करें।
लोभ अँधा हो गया,
बात खरी, क्या करें।
कूड़े से भरते नगर,
राह घिरी, क्या करें।
"संध्या" धरती रो पड़ी,
आँख भरी, क्या करें।

