ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में गूंजे साहित्य और संवेदनाओं के स्वर, 25 से अधिक रचनाकार हुए शामिल
दिल्ली: साहित्य सेवक द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े 25 से अधिक साहित्यकारों एवं श्रोताओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत साहित्य सेवक के सेवक अभिषेक कुशवाहा “निर्दोष बनारसी” द्वारा सरस्वती वंदना से की गई। उन्होंने कहा कि साहित्य सेवक अब ऑनलाइन मंच के साथ-साथ विभिन्न शहरों में ऑफलाइन कार्यक्रमों का भी आयोजन करेगा।
कार्यक्रम में साहित्य सेवक टीम के सेवक डॉ. दिव्यांशु पांडे “बिट्टू बागी” ने सभी साहित्यकारों का स्वागत करते हुए रचनाकारों को निरंतर लेखन के लिए प्रेरित किया। वहीं आदाम्य त्रिपाठी ने आगामी साहित्यिक आयोजनों की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए नई योजनाओं की जानकारी दी। मंच संचालन साहित्य सेवक के सक्रिय सदस्य चन्द्रमल्लिका “हर्ष” ने किया, जिन्होंने अपने प्रभावशाली संचालन और गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ख्याति प्राप्त कवयित्री प्रियंका अग्निहोत्री ने अपने गीतों से कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। युवा रचनाकार राजेश और दिव्यांश ने देश की वर्तमान समस्याओं पर आधारित कविताओं के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को स्वर दिया। प्रोफेसर वत्सला और प्रीति तिवारी “काशीवाली” ने ऐसे ऑनलाइन साहित्यिक आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में अनामिका शुक्ला (प्रयागराज), विजय रंजन (भरुच, गुजरात), राजेश बनारसी बाबू (वाराणसी), राजीव कुमार (बोकारो), पुष्पा साहू “मीरा”, रोशनी शर्मा (कानपुर), अरुण कुमार शुक्ला (अयोध्या), अनिल कुमार निश्छल (हमीरपुर), देवांश तिवारी, अंतिमा पाण्डेय, सत्यवान साहब (गाजीपुर) सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने साहित्य प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान करते हुए रचनात्मक ऊर्जा से भर दिया।
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