रेल, उद्योग और आधुनिक आधारभूत संरचना से बदलेगा बिहार का भविष्य : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने शुक्रवार को छपरा जंक्शन से छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मऊ-दिल्ली एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ किया गया तथा दोहरीघाट-औड़िहार रेल सेवा का वाराणसी तक विस्तार भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे बिहार और पूर्वांचल के लाखों यात्रियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि रेलवे के क्षेत्र में हो रहे व्यापक निवेश से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी।
छपरा जंक्शन परिसर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बिहार में रेलवे के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित हैं तथा केंद्र सरकार प्रत्येक वर्ष बिहार को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का रेल बजट उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार के 38 जिलों में से 36 जिले रेलवे नेटवर्क से जुड़ चुके हैं और रेल व्यवस्था को पूर्णतः आधुनिक एवं आईटी आधारित बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि छपरा से कटिहार तक रेल लाइन क्षमता विस्तार का कार्य शुरू किया गया है, जिससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने सारण जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि राज्य में विकसित की जा रही 11 नई टाउनशिप में से दो टाउनशिप सारण जिले में स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा जिले में दो एयरपोर्ट विकसित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है, जिनमें एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा होगा। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क के विस्तार से सारण आने वाले वर्षों में बिहार के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री के सुझाव पर बिहार में ड्राई पोर्ट विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। उनके अनुसार यदि छपरा क्षेत्र में ड्राई पोर्ट की स्थापना होती है तो यहां 20 हजार करोड़ से 40 हजार करोड़ रुपये तक का औद्योगिक निवेश आकर्षित हो सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और रेल संपर्क के कारण पटना और छपरा के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है और भविष्य में यह दूरी और भी कम हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मढ़ौरा स्थित रेल इंजन निर्माण कारखाने का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत बिहार अब रेल इंजन निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस परियोजना की अवधि आगे बढ़ाने का आग्रह किया ताकि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा मिलता रहे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आमी स्थित मां अंबिका भवानी मंदिर क्षेत्र के विकास की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आमी से विदुपुर तक मां अंबिका गंगापथ का निर्माण कराया जाएगा, जिसे आधुनिक मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सोनपुर से गोपालगंज तक बनने वाले नए मार्ग का नाम भगवान नारायणी पथ तथा बक्सर क्षेत्र के प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे का नाम भगवान विश्वामित्र के नाम पर रखा जाएगा।
समारोह को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, सारण के सांसद Rajiv Pratap Rudy तथा महाराजगंज के सांसद Janardan Singh Sigriwal ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मढ़ौरा लोकोमोटिव प्लांट पहुंचकर अफ्रीकी देश Guinea को निर्यात किए जाने वाले 51वें रेल इंजन को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह उपलब्धि बिहार की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और वैश्विक स्तर पर उसकी मजबूत होती पहचान का प्रतीक मानी जा रही है।

