35 वर्षों बाद मांझी में दिखा विलुप्त प्रजाति का गिद्ध, वन विभाग ने लिया कब्जे में
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी प्रखंड के मझनपुरा गांव में बुधवार को उस समय लोगों की भीड़ जुट गई जब जख्मी अवस्था में एक विलुप्त प्रजाति का गिद्ध दिखाई दिया। गिद्ध को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों और बच्चों में खासा कौतूहल बना रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में करीब 35 वर्षों बाद गिद्ध देखने को मिला है।
जानकारी के अनुसार, कौरुधौरु पंचायत के वार्ड सदस्य धर्मदेव राम के पुत्र मुकेश Kumar राम ने सबसे पहले जख्मी गिद्ध को देखा। उस समय कुछ कुत्ते गिद्ध पर हमला करने का प्रयास कर रहे थे। मुकेश कुमार राम ने तत्परता दिखाते हुए गिद्ध को कुत्तों से बचाया और सुरक्षित स्थान पर रखा। इसके बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जख्मी गिद्ध को अपने कब्जे में लेकर उपचार एवं देखभाल के लिए साथ ले गई। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिद्ध दुर्लभ प्रजाति का प्रतीत हो रहा है तथा उसकी चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी।
गांव में गिद्ध मिलने की खबर तेजी से फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंचे। बच्चों में इसे लेकर खास उत्सुकता देखी गई। ग्रामीणों ने बताया कि पहले गांवों में गिद्ध आमतौर पर दिखाई देते थे, लेकिन पिछले कई दशकों से यह पक्षी लगभग विलुप्त हो चुका था।

