खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को दी गई प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: आर.पी.सी.ए.यू.- कृषि विज्ञान केन्द्र, माँझी द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत गुरुवार को सारण जिले के माँझी प्रखंड अंतर्गत पिलुई एवं बगोईया गांवों में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र, माँझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय ने कहा कि अभियान के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरकों के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, भारत सरकार एवं बिहार सरकार की कृषि योजनाओं, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा खेती में हरी खाद के उपयोग एवं उसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने किसानों को प्राकृतिक खेती के मुख्य घटकों, उसके लाभों तथा पोषण वाटिका और जैविक खेती की उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं पादप रोग विशेषज्ञ डॉ. जीर विनायक ने किसानों को “किसान सारथी” ऐप के महत्व एवं धान की फसल में लगने वाले कीटों के प्रभावी प्रबंधन के उपाय बताए। इफको के प्रतिनिधि संदीप कुमार ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग और उनके लाभों की जानकारी किसानों को दी।
कार्यक्रम में पिलुई, बगोईया एवं भरवलिया गांवों के कुल 130 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। इनमें मनमोहन सिंह, नरेंद्र सिंह, कविंद्र सिंह, गुडन सिंह, रघुवर सिंह, पृथ्वीनाथ सिंह, नारायण माँझी, मैना मांझी, चंदन प्रसाद, बीरेंद्र प्रसाद, खुशबू देवी, सुभावती देवी, संजू देवी, सलमा बीबी, रीता देवी, सीमा देवी, नमौसा बीबी, जयशंकर सिंह एवं सुरेंद्र सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।

