किसान परिवार के बेटे ने रचा इतिहास, बीपीएससी में 257वीं रैंक हासिल कर बनेंगे अंचलाधिकारी
दरौंदा के रसूलपुर गांव निवासी अनूप कुमार कुशवाहा ने चौथे प्रयास में पाई सफलता, युवाओं को दिया आत्मविश्वास का संदेश
सिवान (बिहार) संवाददाता बिट्टू यादव: दरौंदा प्रखंड के रसूलपुर गांव निवासी किसान परिवार के बेटे अनूप कुमार कुशवाहा ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 257वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सफलता के बाद परिजनों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।
अनूप कुमार कुशवाहा रसूलपुर निवासी सुदर्शन प्रसाद एवं सीता देवी के पुत्र हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद वे वापस अपने गांव लौट आए और घर पर रहकर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
अनूप ने कठिन परिश्रम और लगन के बल पर बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि तीसरे प्रयास में वे इंटरव्यू चरण पार नहीं कर सके थे, लेकिन हार नहीं मानी। चौथे प्रयास में उन्होंने 257वीं रैंक प्राप्त कर अपनी मंजिल हासिल कर ली। इस सफलता के बाद उनका चयन अंचलाधिकारी (सीओ) पद के लिए हुआ है।
दो भाइयों और छह बहनों में सबसे छोटे अनूप कुमार कुशवाहा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास है तो वह हर कठिनाई को पार कर अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है।
अनूप की उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जो सफलता हासिल की है, वह मेहनत और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है।

