काशी के 11 बटुकों की भव्य गंगा महाआरती से आलोकित हुआ चिरांद चेतना महोत्सव, आस्था और संस्कृति से गूंजा बंगाली बाबा घाट
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल चिरांद स्थित बंगाली बाबा घाट पर सोमवार को आयोजित चिरांद चेतना महोत्सव एवं गंगा गरिमा रक्षा संकल्प समारोह धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का भव्य संगम बन गया। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। गंगा तट पर वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति संगीत और दीपों की दिव्य आभा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
समारोह का उद्घाटन बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने चिरांद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा गंगा संरक्षण के लिए जनभागीदारी को आवश्यक बताया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गंगा समग्र के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष जी ने गंगा को भारतीय सभ्यता की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि इसके संरक्षण की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है।
समारोह में परम पूज्य श्रीश्री 1008 देवेन्द्र ब्रह्मचारी जी महाराज (श्री मौनी बाबा), श्री लक्ष्मण किलाधीश महंत तथा श्री मैथिली रमन शरण जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। संतों ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का सबसे मनोहारी दृश्य तब देखने को मिला, जब काशी से आए 11 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत भव्य गंगा महाआरती संपन्न कराई। दीपों की जगमगाहट, घंटों की अनुगूंज और श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा बंगाली बाबा घाट भक्तिरस में डूब गया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना कर सुख, समृद्धि और विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
समारोह में लोकगीत, भजन, संगीतमय झांकियों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को गंगा की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प दिलाया गया।

