रेल विकास और यात्री सुविधाओं पर सोनपुर में मंथन, सांसद रूडी ने उठाए कई अहम मुद्दे
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सोनपुर में पूर्व मध्य रेल की मंडल संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को सारण सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री Rajiv Pratap Rudy की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री Raj Bhushan Choudhary, सांसद Veena Devi, सांसद Tariq Anwar तथा सांसद Rajesh Verma सहित सोनपुर मंडल के वरीय रेल अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में रेल यात्री सुविधाओं के विस्तार, स्टेशन विकास, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह द्वारा स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े रेलवे विकास कार्यों, लंबित परियोजनाओं और यात्री समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक में रेलवे फाटकों के स्थान पर प्रस्तावित आरयूबी निर्माण, वैकल्पिक संपर्क मार्गों और विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर रेलवे प्रशासन ने विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। सांसद राजीव प्रताप रूडी द्वारा सभी स्टेशनों को सीसीटीवी निगरानी प्रणाली से जोड़ने को लेकर सवाल उठाए जाने पर अधिकारियों ने बताया कि छोटे और बड़े सभी रेलवे स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी नेटवर्क और सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकेगी।
रेलवे ट्रैक विस्तार की योजनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बछवाड़ा-कटिहार रेलखंड पर चौथी रेल लाइन निर्माण की योजना की जानकारी दी। इसके अलावा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित स्टेशनों के साथ अन्य रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण, पुनर्निर्माण और रखरखाव पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक सांसद के संसदीय क्षेत्र में रेलवे योजनाओं के बेहतर समन्वय और अनुश्रवण के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
बैठक के दौरान सोनपुर आयोजना क्षेत्र और प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में प्रारंभिक स्तर पर योजना बनाई जा रही है। बैठक में रेलवे अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि स्टेशनों के पुनर्निर्माण के दौरान उनकी ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जाएगा।

