मांझी में दोहरी हत्या से उबाल, नेताओं के दौरे से बढ़ी सियासी हलचल
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी थाना क्षेत्र के गोंढा गांव में गुरुवार की रात हुई चाकूबाजी में वार्ड पार्षद राजा बाबू ठाकुर की हत्या तथा दाउदपुर थाना क्षेत्र के सितलपुर बाजार में डीजे पर अश्लील गीत बजाने का विरोध करने वाली साहसी युवती मधु मिश्रा की रविवार को रॉड से पीट-पीटकर की गई हत्या के बाद दोनों इलाकों में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इन दो सनसनीखेज घटनाओं ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश को जन्म दिया है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटनाओं के बाद सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को सितलपुर और गोंढा गांव पहुंचे विधायक रणधीर सिंह ने दोनों मामलों को लेकर सारण के एसएसपी बिनीत कुमार से बातचीत कर दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। गोंढा गांव में परिजनों को सांत्वना देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधी चाहे जितना प्रयास कर लें, कानून से बच नहीं पाएंगे। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि उमाशंकर ओझा, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि बिट्टू राय, उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा सिंह पहलवान और लोजपा नेता मुन्ना सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं शनिवार को सितलपुर मिश्र टोली पहुंचे ब्राह्मण चेतना मंच के नेताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस की कथित शिथिलता और अपराधियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दाउदपुर थानाध्यक्ष के तत्काल निलंबन की मांग की। इस दौरान दाउदपुर थाना पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। नेताओं ने पूर्व मंत्री मंगल पाण्डेय को फोन कर मामले की शिकायत दर्ज कराई और एसएसपी से भी बातचीत कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि इनकाउंटर की मांग की। मौके पर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। इस दौरान राजद नेता सुधांशू रंजन, नरेन्द्र प्रताप मिश्रा, बंशीधर तिवारी, विवेकानंद तिवारी, लगनदेव तिवारी, बुलबुल मिश्रा, सुभाष पाण्डेय, नीलेश गिरी, राजेश मिश्रा, राजेश पाण्डेय, जय प्रकाश पाण्डेय, मुन्ना मिश्रा, नीरज मिश्रा, विकास योगी, चंदन मिश्रा, मयंक ओझा तथा जदयू नेता निरंजन सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
दोनों ही मामलों में परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। गोंढा वार्ड पार्षद हत्याकांड में नामजद 12 आरोपियों में से केवल तीन की गिरफ्तारी और सितलपुर कांड में अब तक पुलिस के हाथ खाली रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कर्पूरी सेना द्वारा मांझी पुलिस के खिलाफ और ब्राह्मण चेतना मंच द्वारा दाउदपुर पुलिस के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी ने प्रशासन की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
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