तीन साल से वेतन बंद, भूखमरी के कगार पर शिक्षक-कर्मी; जेपी विश्वविद्यालय मुख्यालय पर फूटा आक्रोश
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जय प्रकाश विश्वविद्यालय मुख्यालय पर शुक्रवार को लोक महाविद्यालय हाफिजपुर के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने रोषपूर्ण धरना देकर विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। धरना पर बैठे कर्मियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की अदूरदर्शी नीति, प्रशासनिक मनमानी तथा कॉलेज प्रबंधन की उदासीनता के कारण पिछले तीन वर्षों से कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन बंद पड़ा है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट गहरा गया है।
धरना के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोक महाविद्यालय हाफिजपुर के बैंक खाते में लगभग तीन करोड़ रुपये आंतरिक स्रोत के तथा करीब तीन करोड़ रुपये इंटर अनुदान के रूप में जमा हैं, इसके बावजूद कर्मियों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि जून 2023 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक पत्र जारी कर कॉलेज खाते से किसी भी प्रकार का व्यय विश्वविद्यालय की अनुमति से करने का निर्देश दिया था, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने बिना अनुमति कई खर्च किए, जबकि कार्यरत कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन भी पूरे मामले में मूकदर्शक बना रहा।
शिक्षकों ने कहा कि लगातार आवेदन देने और गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अगस्त 2024 में विश्वविद्यालय ने प्रो कृष्ण कुमार को विश्वविद्यालय प्रतिनिधि एवं तदर्थ समिति का सचिव नियुक्त किया था, लेकिन उनके कार्यकाल में भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद फरवरी 2026 में उन्हें शासी निकाय का सचिव बनाया गया, मगर बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। मार्च 2026 में प्रो अजय कुमार आचार्य, स्नातकोत्तर हिंदी विभाग को शासी निकाय का सचिव नियुक्त किया गया, लेकिन उन्होंने भी असमर्थता जताते हुए जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया।
धरना में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि डेढ़ करोड़ रुपये डिग्री अनुदान के रूप में विश्वविद्यालय में लंबित पड़ा हुआ है, जबकि वर्ष 2011 से अब तक का डिग्री अनुदान भी सरकार स्तर पर अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जिस कॉलेज और विश्वविद्यालय से जुड़े खातों में करोड़ों रुपये जमा हों, वहां कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी भूखमरी के कगार पर पहुंच जाएं।
धरना कार्यक्रम में प्रो तारकेश्वर सिंह, प्रो उपेंद्र पाण्डेय, प्रो कवींद्र ओझा, प्रो अरविंद पाण्डेय, प्रो अखिलेश कुमार, प्रो मनोज कुमार, प्रो महेंद्र मिश्रा, प्रो सुभाष सिंह, प्रो दशरथ प्रसाद, प्रो के के राय, प्रो रामबाबू प्रसाद, प्रो उदय कुमार सिंह, प्रो सुरेन्द्र तिवारी, प्रो दिनेश सिंह, प्रो नवीन कुमार, प्रो देवेश चंद्र राय, प्रो काशी नाथ राय, प्रो जयवीर ओझा, प्रो खुर्शीद आलम, दिलीप कुमार ओझा, जगदीश राय, मिथलेश सिंह सहित पचास से अधिक शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

