हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, याद किए जाएंगे पंडित जुगलकिशोर शुक्ल
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): हिंदी पत्रकारिता के द्वि-शताब्दी वर्ष के अवसर पर भारतीय हिंदी प्राध्यापक परिषद एवं कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में 29 और 30 मई को अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। ‘हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के विकास में पत्रकारिता का योगदान’ विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर के विश्वविद्यालयों के हिंदी प्राध्यापक, साहित्यकार और वरिष्ठ पत्रकार शामिल होंगे।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति Ashutosh Ghosh करेंगे। वहीं अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद एवं पत्रकार Mohammad Nadeem Ul Haque, श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय सिक्किम के कुलपति प्रो मोहन, साहित्यकार डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार राज मिठौलिया, प्रभात खबर के पत्रकार कौशल किशोर त्रिवेदी सहित कई शिक्षाविद एवं पत्रकार मौजूद रहेंगे।
परिषद के अध्यक्ष एवं त्रिपुरा विश्वविद्यालय के डीन प्रो विनोद कुमार मिश्र, प्रो रामप्रकाश (आंध्र प्रदेश), प्रो टी.जे. रेखारानी (तेलंगाना), प्रो एस.आर. जयश्री (केरल) तथा परिषद के राष्ट्रीय संयोजक एवं महासचिव प्रो संजीव कुमार दुबे (गुजरात) भी संगोष्ठी में भाग लेंगे।
कलकत्ता गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या एवं संगोष्ठी संयोजिका प्रो सत्या उपाध्याय ने बताया कि हिंदी पत्रकारिता ने आधुनिक भारतीय चेतना के निर्माण, भाषाई अस्मिता को मजबूत करने, साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संवर्द्धन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बंगाल की उसी ऐतिहासिक धरती पर यह आयोजन हो रहा है, जहां से हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ का प्रकाशन हुआ था।
संगोष्ठी में हिंदी पत्रकारिता के इतिहास, योगदान और समकालीन चुनौतियों पर लगभग सौ शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। उद्घाटन सत्र में संगोष्ठी में प्राप्त आलेखों पर आधारित संपादित पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा।
कार्यक्रम का अंतिम सत्र विशेष रूप से हिंदी के प्रथम समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ और उसके संस्थापक पंडित जुगलकिशोर शुक्ल की स्मृति को समर्पित रहेगा। इस सत्र में सार्क जर्नलिस्ट फोरम की सहभागिता भी होगी। प्रो शंभुनाथ तिवारी की अध्यक्षता एवं अनिरुद्ध सुधांशु के संचालन में आयोजित इस सत्र में नेपाल से सार्क जर्नलिस्ट फोरम के अध्यक्ष रुद्र सुवेदी, प्रो बंदना पांडेय तथा प्रो स्मिता मिश्र अपने विचार रखेंगे।
संगोष्ठी के दौरान हिंदी पत्रकारिता एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित भी किया जाएगा।

