बिहार दर्शन योजना: अब हर तीन माह में दो दिन पर्यटन पर रहेंगे सरकारी कर्मी
पटना (बिहार): बिहार सरकार ने राज्य के पर्यटन, ईको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब बिहार में कार्यरत सभी सरकारी पदाधिकारी एवं कर्मी प्रत्येक तीन माह में एक बार दो दिनों तक सपरिवार राज्य के किसी अन्य जिले के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उन्हें दो रात्रि प्रवास भी करना अनिवार्य होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विविधताओं से समृद्ध राज्य है। राज्य में कई ऐसे महत्वपूर्ण स्थल हैं जिन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सरकारी कर्मियों को पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर वहां की सुविधाओं, विकास की संभावनाओं और आवश्यक सुधारों पर सुझाव देने का निर्देश दिया गया है।
आदेश के अनुसार सभी सरकारी कर्मी अपने गृह जिले को छोड़कर किसी अन्य जिले के पर्यटन, ईको-पर्यटन या ग्रामीण पर्यटन क्षेत्रों में शुक्रवार और शनिवार को रात्रि विश्राम करेंगे तथा आसपास के कम-से-कम तीन स्थलों का भ्रमण करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और वन प्रमंडल पदाधिकारी सहित सभी जिला एवं प्रमंडल स्तरीय अधिकारियों को भी अपने पदस्थापन जिले से अलग जिले में दो दिनों का प्रवास करना होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान कोई भी अधिकारी सरकारी समीक्षा बैठक या निरीक्षण कार्य नहीं करेंगे। भ्रमण के बाद संबंधित अधिकारी अपने अनुभव, फोटोग्राफ और सुझावों के साथ विस्तृत प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी अथवा संबंधित विभाग को सौंपेंगे। इसके लिए सभी जिलों और विभागों में एक नोडल पदाधिकारी नामित किया जाएगा, जो प्रतिवेदनों को पर्यटन विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा कला एवं संस्कृति विभाग को भेजेगा।
सरकार ने होम-स्टे व्यवस्था को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग को निर्देश दिया गया है कि पर्यटन स्थलों पर स्थानीय लोगों के घरों में भुगतान के आधार पर ठहरने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति एवं खान-पान का अनुभव प्राप्त हो सके।
आदेश में यह भी कहा गया है कि पर्यटन प्रवास की अवधि को सरकारी कर्तव्य अवधि माना जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन को सरकारी गेस्ट हाउस, निजी होटल और खान-पान की सुविधाओं की समीक्षा कर उनकी जानकारी जिला वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।

