सारण में अधिवक्ताओं को पेशेवर आचरण व लैंगिक संवेदनशीलता का दिया गया संदेश
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश–सह–अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पुनीत कुमार गर्ग की अध्यक्षता में न्याय सदन सभागार में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “पेशेवर आचरण एवं शिष्टाचार” तथा लैंगिक संवेदनशीलता विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। सेमिनार का उद्देश्य बार काउंसिल ऑफ इंडिया नियमों के तहत अधिवक्ताओं के व्यावसायिक दायित्वों एवं न्यायिक व्यवस्था में संवेदनशील वातावरण को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया नियमावली के अध्याय-II, भाग-VI एवं अधिनियम की धारा 49(1)(सी) के अंतर्गत अधिवक्ताओं के आचरण, शिष्टाचार और लैंगिक संवेदनशीलता को लेकर जागरूकता बढ़ाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
सेमिनार में छपरा विधि मंडल के अध्यक्ष रवि रंजन प्रसाद सिंह, सचिव शशिभूषण त्रिपाठी, जिला अभियोजन पदाधिकारी, सहायक अभियोजन पदाधिकारी, मुख्य लिपिक पूर्णेंद्र रंजन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम से पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग द्वारा पौधारोपण भी किया गया। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर 5 जून 2026 तक लगातार दस दिनों तक पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा तथा हजारों पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है।
अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग ने कहा कि वकालत केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिवक्ताओं से बार काउंसिल के नियमों का पालन करने एवं अदालत परिसर में लैंगिक रूप से संवेदनशील वातावरण बनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने न्यायिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं देने का आग्रह करते हुए कहा कि न्यायालयों में पर्याप्त कर्मी उपलब्ध हैं और पारदर्शिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
विधि मंडल अध्यक्ष रवि रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि एक सफल अधिवक्ता बनने के लिए कानून की जानकारी के साथ उच्च नैतिक आचरण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वकालत केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का पवित्र दायित्व है। जब अधिवक्ता नियमों का पालन करते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं, तो न्यायपालिका की साख और मजबूत होती है।
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव Kumar ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिवक्ताओं एवं कानून के छात्रों को अपने विचार रखने और सीखने का अवसर मिलता रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं न्यायालय कर्मियों को दिया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ताओं, कानूनी शोधकर्ताओं तथा विधि के छात्रों ने भाग लिया।
#Saran #Chapra #LegalAwareness #AdvocatesSeminar #GenderSensitivity #BarCouncilOfIndia #DistrictCourt #LegalEducation #Judiciary #ProfessionalConduct #BiharNews #HindiNews #Lawyers #LegalSystem #EnvironmentalAwareness

