सीवान में निजी स्कूलों पर सख्ती, महंगी किताब-ड्रेस खरीदने की बाध्यता पर डीएम ने लगाई रोक
सिवान (बिहार): जिले में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से मनमानी वसूली और एक ही दुकान से किताब, ड्रेस व अन्य सामग्री खरीदने के दबाव को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने इस संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए साफ कहा है कि अब कोई भी निजी विद्यालय अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा।
जारी आदेश में कहा गया है कि समाचार पत्रों, अभिभावकों की शिकायतों और सामाजिक संगठनों से मिली जानकारी के अनुसार निजी विद्यालयों द्वारा किताबें, यूनिफॉर्म, बैग, जूते और कॉपियां अत्यधिक कीमत पर बेची जा रही थीं। साथ ही अभिभावकों को केवल तय दुकानों से ही खरीदारी करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे उन्हें खुले बाजार से सस्ती सामग्री लेने की स्वतंत्रता नहीं मिल रही थी। इस स्थिति को शोषणकारी बताते हुए प्रशासन ने इसे तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी निजी विद्यालय अपने-अपने संस्थान में संचालित कक्षाओं के लिए आवश्यक पुस्तकों की सूची और यूनिफॉर्म का विवरण 15 अप्रैल 2026 तक विद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करें और परिसर में सार्वजनिक स्थान पर भी चस्पा करें। इसके अलावा यूनिफॉर्म में कम से कम तीन वर्षों तक कोई बदलाव नहीं करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अभिभावकों पर बार-बार आर्थिक बोझ न पड़े।
आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई विद्यालय इस निर्देश का उल्लंघन करता है तो उसके प्राचार्य, संचालक, प्रबंधक और बोर्ड के सदस्य जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2019 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो इसकी सूचना जिला गोपनीय शाखा, सीवान के दूरभाष या ईमेल के माध्यम से दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर पूरे मामले की निगरानी और जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और 31 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन के इस फैसले को अभिभावकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

