केवीके माँझी में बीज उत्पादन क्षेत्र का निरीक्षण, गुणवत्ता और मिलेट्स पर विशेष जोर
बीज गुणवत्ता की जांच कर दिए गए किसानों के हित में निर्देश
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के बीज निदेशक डॉ. डी. के. रॉय ने कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी परिसर में बीज उत्पादन क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न फसलों के बीज की गुणवत्ता की गहन जांच करते हुए उत्पादन प्रक्रिया का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में डॉ. रॉय ने कटाई की गई गेहूँ (DBW-187) B/S एवं राई (आर. सुफलम-1) के बीजों की गुणवत्ता का परीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने अरहर (आर. अरहर-1) की खड़ी फसल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उत्पादन की स्थिति पर संतोष जताया। उन्होंने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि बीज उत्पादन में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए, ताकि किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने गरमा फसल के लिए बचे हुए बीज उत्पादन क्षेत्र में शीघ्र बुवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि समय पर बुवाई से उत्पादन बेहतर होगा। साथ ही श्री अन्न (मिलेट्स) के उन्नत बीज उत्पादन पर विशेष बल देते हुए केवीके परिसर में एक हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेट्स के बीज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवीके परिसर में लगे नींबू, अमरूद, आम एवं लीची के बागों का भी अवलोकन किया और आवश्यक सुझाव दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए ढैचा की फसल लगाने पर जोर दिया, जिससे भूमि की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला, पादप रोग विशेषज्ञ सह प्रभारी परिक्षेत्र डॉ. जीर विनायक, कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. सुषमा टम्टा, प्रयोगशाला तकनीशियन सह प्रभारी परिक्षेत्र प्रबंधक डॉ. विजय कुमार के साथ राकेश कुमार, मनोज कुमार एवं अवनीश पांडेय सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
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