आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में आरबीएसके की टीम करेगी बच्चों की स्वास्थ्य जांच
छपरा में बच्चों के लिए मेगा हेल्थ अभियान शुरू, 30 मेडिकल टीमें तीन महीने तक करेंगी जांच
सारण (बिहार): जिले के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत एक व्यापक मेगा हेल्थ अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने समाहरणालय परिसर से 30 विशेष मेडिकल टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये टीमें आगामी तीन महीनों तक तय रोस्टर के अनुसार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में पहुंचकर जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी, जिससे प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार संभव हो सके।
स्वास्थ्य जांच के दौरान टीमों द्वारा एनीमिया, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, डाउन सिंड्रोम, होठ एवं तालु का फांक, विकृत पैर संरचना, कुल्हा के कम विकास, जन्मजात मोतियाबिंद, बहरापन तथा जन्मजात हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन बच्चों में किसी भी प्रकार की समस्या पाई जाएगी, उन्हें संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से उपचार और नियमित फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष रूप से हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को “बाल हृदय योजना” के अंतर्गत उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में इलाज की सुविधा दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस अभियान का लाभ उठा सकें। इस कार्य में डीपीओ (आईसीडीएस) और जिला शिक्षा पदाधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे अभियान का प्रभाव अधिक व्यापक हो सके।
अभियान की पारदर्शिता और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सभी टीमों को प्रतिदिन जांच किए गए बच्चों का डेटा साझा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एपिकलेक्ट ऐप के माध्यम से प्रतिदिन फोटो और आंकड़े अपलोड किए जाएंगे, जिससे पूरे अभियान की निगरानी सटीक रूप से की जा सके। आरबीएसके के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को इसकी दैनिक मॉनिटरिंग और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस अभियान की सतत निगरानी उप विकास आयुक्त द्वारा की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्थाएं भी जमीनी स्तर पर फीडबैक देकर इसकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करेंगी। यह पहल जिले के बच्चों के स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे न केवल बीमारियों की समय पर पहचान होगी, बल्कि उन्हें बेहतर और समय पर उपचार भी मिल सकेगा। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी, डीआईओ डॉ. सुरेंद्र महतो, डीपीएम अरविन्द कुमार, आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ. जितेंद्र प्रसाद, डीपीसी रमेश चंद्र कुमार, डीसीएम ब्रजेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

