बिहार के छपरा स्थित व्यवहार न्यायालय में 10 वर्ष बाद हत्या के मामले में आया फैसला
दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा तो छह को किया गया बरी
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ विक्रम सिंह परमार ने प्रमंडलीय मुख्यालय सारण के छपरा शहर स्थित नगर थाना कांड संख्या- 340/ 16 के सत्र संख्या- 132/ 19 हत्या के मामले में स्थानीय नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आर्य नगर कटहरी बाग निवासी मिंटू गिरी को अंदर दफा- 302 हत्या मामले में आजीवन कारावास एवं पच्चीस हजार अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा एवं 27 आर्म्स एक्ट में 02 साल की सजा सुनाई है। हालांकि उक्त दोनों सजाएं एक साथ ही चलेंगी। इसी थाना कांड के एक और आरोपी चिंटू गिरी को अंदर दफा- 323 के अंतर्गत 05 माह की कारावास और एक हजार अर्थ दंड की सजा सुनाई है, तथा शेष अभियुक्त टिंकू गिरी, बबलू गिरी, सुशील गिरी, चंदन गिरी कन्हैया गिरी और पवन गिरी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कुल सात गवाहों की गवाही न्यायालय में दर्ज कराई है। सबसे अहम बात यह है कि स्थानीय नगर थाने की पुलिस ने 31 अक्टूबर 2016 को अंतिम प्रपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। वहीं कांड के सूचक सह छपरा स्थित नगर थाना क्षेत्र के कटहरी बाग आर्य नगर निवासी धीरज गिरी ने 21 जुलाई 2016 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने दर्शाया था कि उनके घर के सामने की जमीन पर उक्त सभी आरोपियों द्वारा जबरन कब्जा कर चहारदीवारी बनाया जा रहा था। हालांकि उन्होंने इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया तो उनके साथ उक्त सभी लोग मारपीट करने लगे, लेकिन मेरे पड़ोसी रविन्द्र गिरी हल्ला सुनकर आए तो अभियुक्तों ने उनके साथ भी मारपीट किया और उन्हें गोली मार दिया जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

