सारण में बाल संरक्षण पर सख्ती: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में DCWPC बैठक, कई अहम निर्देश जारी
सारण (बिहार): जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (DCWPC) की महत्वपूर्ण बैठक जिला पदाधिकारी सारण की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 के तहत बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि पर्यवेक्षण गृह को प्लिंथ एरिया में समुचित रूप से शामिल किया जाए तथा वहां रह रहे बच्चों के प्रत्येक मामले की विस्तृत रिपोर्ट और चिकित्सा फाइल अद्यतन रखी जाए। साथ ही, विधि के साथ संघर्षरत बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षण गृह एवं विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी में अपशिष्ट प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नगर निगम के सहयोग से कराने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, बाल कल्याण समिति से जुड़े मामलों में सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने, गुमशुदगी के मामलों में त्वरित एफआईआर दर्ज करने तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के लंबित एवं निष्पादित मामलों का सही रजिस्टर संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
परवरिश योजना के अंतर्गत श्रेणीवार आवेदन लक्ष्य सीडीपीओ को निर्धारित करने तथा सभी लाभार्थियों को समय पर मासिक भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया, जिसकी नियमित निगरानी अनुमंडल पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी। साथ ही, पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बच्चों के कौशल विकास के लिए जिला नियोजन पदाधिकारी के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने पर भी बल दिया गया, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल संरक्षण से जुड़े इन सभी बिंदुओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करें, जिससे बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, नगर आयुक्त, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (जिला परिषद), सिविल सर्जन, श्रम अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कौशल विकास/नियोजन पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस), अधीक्षक पर्यवेक्षण गृह एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

