सारण के अभिनव सिंह बने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड, सुप्रीम कोर्ट परीक्षा प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण
सारण (बिहार) संवाददाता संजीव शर्मा: सारण जिले के माँझी थाना क्षेत्र अंतर्गत टेघरा गांव के निवासी एवं सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अभिनव सिंह ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सर्वोच्च न्यायालय की प्रतिष्ठित एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड (एओआर) परीक्षा प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि पूरे सारण के लिए गौरव का विषय बन गई है।
एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मान्यता प्राप्त एक विशिष्ट अधिवक्ता होता है, जिसे सीधे सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर करने, याचिकाएं प्रस्तुत करने तथा पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने का विशेषाधिकार प्राप्त होता है। एओआर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही यह दर्जा मिलता है, जो प्रक्रियात्मक कानून और न्यायालयीन नियमों के गहन ज्ञान को सुनिश्चित करता है। सुप्रीम कोर्ट में किसी भी मामले की औपचारिक पैरवी एओआर के माध्यम से ही संभव होती है, जिससे यह मान्यता अत्यंत उच्च और विशिष्ट मानी जाती है।
अभिनव सिंह पूर्व आईपीएस अधिकारी जय प्रकाश सिंह के सुपुत्र हैं और प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे हैं। वर्ष 2013 में आयोजित कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) में उन्होंने ऑल इंडिया पांचवीं रैंक प्राप्त की थी, जिसके बाद उन्होंने National Law School of India University, बेंगलुरु से एलएलबी की डिग्री हासिल की। विधि क्षेत्र में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों एवं वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ कार्य करने का भी महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ है।
वर्ष 2023-24 में उन्होंने London School of Economics, लंदन से मास्टर्स डिग्री में मेरिट-सह-डिस्टिंक्शन प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों में एक और कीर्तिमान जोड़ा। उनकी सतत मेहनत, विधिक दक्षता और उत्कृष्ट शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें देश के अग्रणी युवा अधिवक्ताओं की श्रेणी में स्थापित करती है।
अभिनव सिंह की यह सफलता न केवल माँझी प्रखंड बल्कि पूरे सारण जिले के लिए प्रेरणास्रोत है। क्षेत्रवासियों ने उनकी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

