संदिग्ध परिस्थितियों में BRO के हवलदार की मौत, सलामी नहीं मिलने पर ग्रामीणों का सड़क जाम
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में तैनात सीमा सड़क संगठन (BRO) के हवलदार राम उग्रह पंडित (55 वर्ष) की रविवार को उत्तर प्रदेश के बांस बरेली स्टेशन पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह मांझी नगर पंचायत के दुर्गापुर गांव निवासी स्व. दमरी पंडित के पुत्र थे। घटना की सूचना मिलते ही परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार हवलदार राम उग्रह पंडित रविवार की सुबह सेना के वाहन से बांस बरेली स्टेशन पहुंचे थे, जहां से उन्हें ट्रेन पकड़कर घर आना था। आरोप है कि स्टेशन पर सक्रिय नशाखुरानी गिरोह के सदस्यों ने उन्हें अपने झांसे में लेकर बेहोश कर दिया और उनके एटीएम से अलग-अलग समय पर करीब 49,500 रुपये निकाल लिए। इसके बाद उनका सामान लेकर फरार हो गए और कथित रूप से उनकी हत्या कर दी गई। बाद में बरेली स्टेशन पर तैनात जीआरपी के थानाध्यक्ष ने फोन कर परिजनों को जवान की मौत की सूचना दी।
सोमवार की सुबह जब जवान का शव उनके पैतृक गांव दुर्गापुर पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम छा गया। घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक की पत्नी शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो जा रही थी और परिजन उन्हें संभाल रहे थे। ग्रामीण जवान के सरल और मिलनसार स्वभाव को याद कर भावुक हो उठे।
शव यात्रा जब श्मशान घाट पहुंची तो वहां मौजूद लोगों में उस समय आक्रोश फैल गया, जब जवान के शव को सलामी देने के लिए विभाग का कोई अधिकारी या जवान नहीं पहुंचा। इस बात को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद मृतक के एक सहकर्मी ने बताया कि शव को सलामी देने के लिए विभाग की ओर से सारण जिला प्रशासन को पहले ही सूचना भेज दी गई थी, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने तिरंगे में लिपटे जवान के शव को वापस श्मशान घाट से उठाकर दुर्गापुर गांव के सामने सड़क पर रख दिया और गाजीपुर–हाजीपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान आगजनी भी की गई, जिससे लगभग एक घंटे तक सड़क पर आवागमन ठप रहा और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना था कि जवान के शव को सलामी न देना तिरंगे का अपमान है।
घटना की सूचना मिलने पर बीडीओ उपेंद्र दास, नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि बिट्टू राय, इंस्पेक्टर वीरेन्द्र कुमार सिंह और मांझी की प्रभारी थानाध्यक्ष रश्मि कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह सड़क जाम समाप्त कराया।
इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर मांझी थाना पुलिस द्वारा मृतक जवान को सशस्त्र सलामी दी गई, जिसके बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। मृतक के पुत्र पवन कुमार ने मुखाग्नि दी।
परिजनों ने बताया कि राम उग्रह पंडित अपने भतीजे चंदन कुमार की शादी के सिलसिले में छुट्टी लेकर घर आ रहे थे। सोमवार को उन्हें घर पहुंचना था, लेकिन उनके स्थान पर उनका शव गांव पहुंचा। घर में मंगलवार से 24 घंटे का अखंड अष्टयाम शुरू होना था, बुधवार को तिलकोत्सव और शुक्रवार को बारात निकलने वाली थी। जवान की मौत के बाद घर की खुशियां मातम में बदल गईं और शादी समारोह फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

