लखनऊ में वाक एवं श्रवण विशेषज्ञों की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, आधुनिक तकनीकों पर हुआ मंथन
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): 29 मार्च 2026
इंडियन स्पीच एंड हियरिंग एसोसिएशन के अंतर्गत प्राइवेट प्रैक्टिशनर (वाक एवं श्रवण चिकित्सक) की एक दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन सीआरसी, भारत सरकार, लखनऊ में किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में देशभर से करीब 200 विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें से 10 विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपनी शोधपरक प्रस्तुतियां दीं। इस कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन में डॉ. राम प्रवेश की अहम भूमिका रही।
कार्यक्रम में वाक एवं श्रवण रोगों की पहचान, मूल्यांकन, उपचार तथा आधुनिक तकनीक और डिजिटल साधनों के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार हैं, उपस्थित रहे। वहीं विशेष अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजन के चीफ कमिश्नर हिमांशु झा, आईएसएचए के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं एआईआईएसएच मैसूर के विभागाध्यक्ष डॉ. एस. पी. गोस्वामी, पीजीआई चंडीगढ़ के आचार्य एवं आईएसएचए सचिव डॉ. नुरैन आलम तथा सीआरसी लखनऊ के निदेशक डॉ. हिमांशु सिंह मौजूद रहे।
इस दौरान डॉ. वी. पी. साह ने एक सत्र की अध्यक्षता करते हुए विशेषज्ञों की कार्यप्रणाली पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश—से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि अवनीश अवस्थी ने आरसीआई एवं आरपीडब्ल्यूडी एक्ट के तहत राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने का आश्वासन दिया, जबकि हिमांशु झा ने दिव्यांगजनों के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।
सम्मेलन में एआईआईएसएच मैसूर के डॉ. गोस्वामी और डॉ. नुरैन आलम ने वाक एवं श्रवण रोग से संबंधित आंकड़ों और अनुसंधान को आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही कानपुर में एआईआईएसएच के क्षेत्रीय संस्थान की स्थापना को शीघ्र गति देने का भरोसा भी दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. वी. पी. साह को दिव्यांगजनों के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए शॉल, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि डॉ. साह अली यावर जंग राष्ट्रीय वाक एवं श्रवण संस्थान से सहायक निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में गाजियाबाद में कार्यरत हैं। वहीं जीटीबी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार निराला ने “क्लिनिकल प्रैक्टिस में वॉयस थेरेपी हेतु डिजिटल एवं एआई आधारित उपकरणों के उपयोग” पर प्रस्तुति दी, जिसे सभी विशेषज्ञों ने काफी सराहा।
कार्यक्रम का समापन शाम 5 बजे डॉ. एस. पी. गोस्वामी और डॉ. नुरैन आलम के संबोधन के साथ हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों ने आयोजन की सफलता के लिए डॉ. राम प्रवेश के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।
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