सारण: नाबालिग की संदिग्ध मौत मामले में जांच तेज, एक आरोपी गिरफ्तार
सारण (बिहार): डेरनी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच तेज कर दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक सारण के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर के नेतृत्व में मामले का अनुसंधान किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है।
पुलिस के अनुसार 11 मार्च 2026 को करीब 4:45 बजे डेरनी थाना को सूचना मिली कि थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान मृतका का शव उसके पुराने जर्जर घर से लगभग पांच मीटर उत्तर दिशा में स्थित एक कुएं के किनारे पाया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही शव को कुएं से निकालकर किनारे रख दिया था। परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि घटना दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी।
मृतका की मां और एक ग्रामीण के बयान के आधार पर बताया गया कि लड़की को कुएं में धकेलने की आशंका है। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया गया। पुलिस ने परिजनों से प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन देने को कहा था, जिसके बाद 12 मार्च को मृतका की मां का अंगूठा निशानयुक्त आवेदन प्राप्त हुआ। आवेदन के आधार पर डेरनी थाना कांड संख्या 96/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट के तहत पांच नामजद अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
घटनास्थल का निरीक्षण अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर ने किया, वहीं एफएसएल टीम द्वारा भी मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक जांच की गई। जांच के दौरान आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि घटना के समय मृतका अपनी मां की तलाश के बाद एक जर्जर घर में पहुंची थी, जहां कमल मांझी उर्फ राजकिशोर मांझी का पुत्र और एक लड़की मौजूद थे। कुछ देर बाद वहां अन्य ग्रामीण भी पहुंच गए। इसी दौरान अफरातफरी की स्थिति में पकड़ा गया आरोपी वहां से भाग गया और उसके बाद लड़की कुएं में कैसे गिरी, यह स्पष्ट नहीं हो सका।
अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने प्राथमिक नामजद आरोपी युवराज कुमार, पिता राजकिशोर मांझी उर्फ कमल मांझी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटनास्थल पर अपनी मौजूदगी स्वीकार की है और बताया है कि वह और मृतका एक ही गांव के निवासी थे तथा दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होती थी।
पुलिस को 14 मार्च को सदर अस्पताल छपरा से प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट नहीं पाई गई है तथा मृत्यु का कारण डूबने से हुई दम घुटने की स्थिति (अस्फिक्सिया) बताया गया है। साथ ही मेडिकल जांच में किसी प्रकार के स्पर्मेटोज़ोआ नहीं पाए जाने की पुष्टि हुई है। आगे की जांच के लिए वैजाइनल स्वैब, प्यूबिक हेयर, ब्लड, फिंगर नेल और कपड़ों के नमूने सुरक्षित कर एफएसएल मुजफ्फरपुर भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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