कालाजार रोकने के लिए 389 गांवों के 2.45 लाख घरों में होगा छिड़काव, 60 दिन तक चलेगा अभियान
• कालाजार के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का मिशन
• 149 पंचायतों में शुरू हुआ अभियान
• बालू मक्खी के काटने से फैलता है कालाजार
• छिड़काव कर्मियों को दिया गया है विशेष प्रशिक्षण
सारण (बिहार): सारण जिले में कालाजार उन्मूलन को लेकर व्यापक स्तर पर विशेष छिड़काव अभियान की शुरुआत कर दी गई है। इस अभियान के तहत जिले के 149 पंचायतों के 389 गांवों में घर-घर कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा, ताकि बालू मक्खी से फैलने वाली इस गंभीर बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित टीमों का गठन किया है और अभियान की लगातार मॉनिटरिंग भी की जाएगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 12 लाख 95 हजार 421 की आबादी को कवर किया जाएगा। इसके लिए जिले में 2 लाख 45 हजार 881 घरों में छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्य के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित छिड़काव कर्मियों की टीम गठित की गई है और पूरे अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है। इसे रोकने के लिए घरों की अंदरूनी दीवारों पर कीटनाशक का छिड़काव किया जाता है, जिससे बालू मक्खी का प्रजनन रुकता है और बीमारी के प्रसार पर नियंत्रण मिलता है।
आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
वीडीसीओ सतीश कुमार ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका तय की गई है। प्रत्येक आशा अपने क्षेत्र के लगभग 1000 की आबादी को छिड़काव से दो दिन पूर्व इसकी जानकारी देंगी। इसके साथ ही छिड़काव के दिन दल के साथ घर-घर जाकर लोगों को सहयोग के लिए प्रेरित करेंगी। इस कार्य के लिए आशा कार्यकर्ताओं को 100 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
स्कूलों में कालाजार कक्षा का आयोजन
जनजागरूकता बढ़ाने के लिए संबंधित गांवों के विद्यालयों में कालाजार जागरूकता कक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चों को छिड़काव से पहले और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही छिड़काव की तिथि बच्चों की कॉपी में लिखवाई जाएगी ताकि वे यह जानकारी अपने अभिभावकों तक पहुंचा सकें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विभाग ने छिड़काव से पहले और बाद में कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है
• छिड़काव से पहले घर की दीवारों में मौजूद छेद और दरारों को बंद कर दें।
• घर के सभी कमरों, रसोईघर, पूजा घर और गोहाल की अंदरूनी दीवारों पर लगभग छह फीट तक छिड़काव कराया जाए।
• छिड़काव से पहले भोजन सामग्री, बर्तन और कपड़ों को घर से बाहर सुरक्षित स्थान पर रख दें।
• छिड़काव के बाद कम से कम दो घंटे तक घर में प्रवेश न करें।
• छिड़काव के बाद ढाई से तीन महीने तक दीवारों पर लिपाई-पोताई न करें, ताकि कीटनाशक का असर बना रहे।
प्रभावित क्षेत्रों को दी गई प्राथमिकता
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि यह छिड़काव योजना राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है। अत्यधिक प्रभावित जिलों में पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025) के आंकड़ों के आधार पर क्षेत्रों का चयन किया गया है, जबकि मध्यम प्रभावित क्षेत्रों में तीन वर्षों और कम प्रभावित क्षेत्रों में एक वर्ष के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। साथ ही छिड़काव के दौरान यदि किसी गांव में नया कालाजार मरीज मिलता है तो उस क्षेत्र में 50 मीटर की परिधि में लगभग 250 घरों में फोकल छिड़काव कराया जाएगा। सिविल सर्जन ने अपील की है कि कालाजार उन्मूलन के इस अभियान को सफल बनाने के लिए छिड़काव दल को पूरा सहयोग दें, ताकि जिले को इस बीमारी से पूरी तरह मुक्त रखा जा सके।

