कृषि विज्ञान केंद्र में सुअर पालन पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और अनुसूचित जाति वर्ग के युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी, सारण में अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत “सुअर पालन” विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को प्रशिक्षण कक्ष में दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र माँझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय, उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला, डॉ. जीर विनायक एवं डॉ. विजय कुमार द्वारा किया गया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुअर पालन ग्रामीण युवाओं के लिए एक लाभकारी उद्यम है, जिससे कम पूंजी में बेहतर आमदनी संभव है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में सुअर पालन को व्यवसायिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने प्रशिक्षण की पाँच दिवसीय रूपरेखा की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान सुअर पालन के वैज्ञानिक तरीकों, प्रबंधन, पोषण, रोग नियंत्रण एवं विपणन से संबंधित विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण में मुजफ्फरपुर एवं बेगूसराय कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों के साथ-साथ सारण जिले के विभिन्न पशु पदाधिकारी भी विशेषज्ञ के रूप में सहभागिता करेंगे।
कार्यक्रम में डॉ. सुषमा टम्टा, डॉ. जीर विनायक एवं डॉ. विजय कुमार ने भी अपने विचार रखते हुए सुअर पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम बताया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में माँझी, रिवीलगंज, गरखा एवं अमनौर प्रखंड से राजबली राम, रविन्द्र राम, जयप्रकाश मांझी, रंजन कुमार राम, अनिल कुमार राम, अजीत कुमार मांझी, मिथिलेश कुमार राम, रामावती देवी, मुन्नी कुंवर सहित कुल 40 युवक एवं युवतियाँ भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के अमितेश कुमार गौरव, रामा रंजन, राकेश कुमार, उमाशंकर कुमार, अवनीश पांडेय एवं संतोष कुमार का सराहनीय योगदान रहा।

