मातृ-शिशु स्वास्थ्य और टीकाकरण पर रहेगा विशेष फोकस, छपरा में मंथन
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन को पहले से बेहतर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत दो दिवसीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सारण प्रमंडल के तीनों जिले यथा - सारण, सिवान एवं गोपालगंज के प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों (बीसीएम) की दो दिवसीय (17 एवं 18 फ़रवरी) समीक्षात्मक बैठक छपरा शहर स्थित निजी होटल में आयोजित की गई। यह बैठक वित्तीय वर्ष 2025- 26 को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का आयोजन क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (आरपीएमयू), सारण प्रमंडल द्वारा किया गया। इस संबंध में क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक (आरपीएम) प्रशांत कुमार ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के निदेशानुसार इस बैठक का उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन को और सुदृढ़ बनाना है। इसमें तीनों जिलों के जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (डीसीएम), प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य उत्प्रेरक (बीसीएम) एवं डीडीए को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय अपर निदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, संचारी रोग नियंत्रण तथा सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए। बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों, चुनौतियों और सुधार के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया। वही प्रमंडलीय आशा समन्वयक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में आशा के भुगतान की प्रक्रिया बदल गई है। क्योंकि अब आईडी के माध्यम से भुगतान किया जाना है। इसीलिए सभी को आदेश दिया गया कि यथाशीघ्र आईडी बनवाया जाए ताकि समय पर आशा का भुगतान हो। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के सभी अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।

