हसनपुरा वार्ड 17 में कचरा डंपिंग से फूटा आक्रोश, मेडिकल वेस्ट व मरे जानवर फेंके जाने का आरोप
सिवान (बिहार): सिवान जिले के हसनपुरा नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 17 में कचरा डंपिंग को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। रिहायशी इलाके के समीप सिवान–सिसवन मुख्य पथ के किनारे खुले में कचरा फेंके जाने से क्षेत्रवासियों का जीवन प्रभावित हो गया है। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां नियमित रूप से कचरे का अंबार लगाया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में बदबू और गंदगी फैल रही है।
वार्डवासियों के अनुसार, घरेलू कचरे के साथ-साथ अस्पतालों का मेडिकल वेस्ट और मरे हुए जानवरों को भी इसी स्थान पर खुले में फेंक दिया जाता है। इससे न केवल वातावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। कचरे के ढेर से उठती दुर्गंध और मक्खियों के बढ़ते प्रकोप से आसपास के घरों में रह रहे लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस संबंध में नगर पंचायत प्रशासन को कई बार मौखिक एवं लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि एक ओर सरकार स्वच्छता अभियान के तहत साफ-सफाई के बड़े दावे करती है, वहीं जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। मुख्य सड़क के किनारे कचरे का ढेर लगने से राहगीरों को भी आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि रिहायशी क्षेत्र से डंपिंग स्थल को तत्काल हटाकर कचरा निस्तारण की समुचित एवं वैज्ञानिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में सिवान के जिलाधिकारी विवेक कुमार मैत्रेय ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिल चुकी है और नगर पंचायत प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा, ताकि वार्ड 17 के लोगों को राहत मिल सके।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन अपने आश्वासन को कितनी जल्दी अमल में लाता है और क्षेत्रवासियों को इस गंभीर समस्या से कब तक निजात मिलती है।

