फर्जी आईएएस का फुल ड्रामा फेल! डीएम से मिलने पहुंचा ‘साहब’, पहचान पूछते ही खुल गई पोल
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: छपरा समाहरणालय में सोमवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक खुद को मेरठ में तैनात आईएएस अधिकारी बताकर सीधे जिलाधिकारी से मिलने पहुंच गया। पूरे आत्मविश्वास के साथ आदेशपाल से उसने अपना नाम रीतेश कुमार, पिता कृष्णा पंडित, ग्राम बसाढ़ी, थाना छपरा मुफस्सिल बताते हुए कहा कि वह वर्तमान में आईएएस पद पर पदस्थापित है और डीएम से मुलाकात जरूरी है। साहब की ठसक देखकर आदेशपाल ने भी बिना ज्यादा सवाल-जवाब के उसे कार्यालय कक्ष तक पहुंचा दिया।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब जिलाधिकारी ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा। फर्जी साहब पहले तो इधर-उधर की बातें करने लगा, फिर सवालों के घेरे में आते ही सारा नाटक धराशायी हो गया। पूछताछ में उसने खुद कबूल कर लिया कि वह न तो आईएएस है और न ही किसी सरकारी पद पर है। उसने बताया कि वह अधिकारियों पर रौब जमाने के लिए खुद को आईएएस बताकर अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में जाता है और लोगों के काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता है।
इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे टाउन थाना के हवाले कर दिया गया, जहां उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। समाहरणालय परिसर में इस घटना को लेकर काफी देर तक चर्चा का माहौल बना रहा और लोग यह कहते नजर आए कि “वर्दी नहीं, दिमाग तेज होना चाहिए।”

