दीघा पोखरा से घाघरा नदी तक सरकारी पइन की सफाई की उठी मांग, जलजमाव से मांझी नगरवासी त्रस्त
सारण (बिहार): नगर पंचायत मांझी में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की गंभीर समस्या से निजात दिलाने को लेकर स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। नगरवासियों ने दीघा पोखरा से लेकर घाघरा नदी (सरयू) तक सरकारी पइन की अविलंब सफाई एवं नाला निर्माण की मांग करते हुए कार्यपालक पदाधिकारी को हस्ताक्षर युक्त आवेदन सौंपा है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नगर पंचायत के कई मोहल्ले हर वर्ष जलजमाव की चपेट में आ जाते हैं।
आवेदन में बताया गया है कि दीघा पोखरा का अतिरिक्त पानी पूर्व में सरकारी पइन के माध्यम से मांझी–बरौली मुख्य मार्ग को पार करते हुए सीधे घाघरा नदी में चला जाता था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा पइन पर अतिक्रमण कर उसे अवरुद्ध कर दिया गया है। इसके चलते माली टोला से थाना बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर हमेशा जलजमाव बना रहता है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और दर्जनों परिवारों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जलजमाव की समस्या का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि क्षेत्र भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना है कि जलनिकासी नहीं होने के कारण कई एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो चुकी है, जिससे उन्हें लाखों रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। वहीं सुघर छपरा इलाके के आसपास भी भारी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जहां पानी घरों में घुस जाने से कई परिवारों के सामने घर छोड़ने जैसी विकट परिस्थिति उत्पन्न हो गई है।
नगरवासियों ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से मांग की है कि सरकारी पइन से अवैध अतिक्रमण हटाकर उसकी तत्काल सफाई कराई जाए और स्थायी समाधान के लिए नाला निर्माण कराया जाए। आवेदन पर राजाराम, उमेश प्रसाद, मनोज कुमार प्रसाद, राजू यादव, रितिक कुमार यादव, संजीव कुमार, आर्यन कुमार, अनिल कुमार प्रसाद सहित अनेक नगर पंचायत वासियों के हस्ताक्षर हैं।
प्रभावित लोगों ने बताया कि इससे पहले भी महाराजगंज सांसद और तत्कालीन विधायक को लिखित आवेदन देकर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगरवासियों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन गंभीरता दिखाते हुए समस्या का स्थायी समाधान करेगा।

