ब्रह्माकुमारीज छपरा द्वारा 90वीं शिव जयंती पर फहराया गया शिव ध्वज
परमसत्ता की अनुभूति करना जीवन का वास्तविक उद्देश्य: कुलपति
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: परमपिता परमात्मा त्रिमूर्ति शिव बाबा की 90वीं शिव जयंती के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज छपरा केंद्र द्वारा श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ शिव ध्वज फहराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. परमेन्द्र कुमार बाजपेयी द्वारा मैडिटेशन रूम का उद्घाटन किया गया, जो आत्मचिंतन और योग साधना के लिए समर्पित रहेगा। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बाजपेयी ने कहा कि सनातन परंपरा में शिव को सर्वोच्च देवता के रूप में माना गया है। सांख्य दर्शन के अनुसार ब्रह्मांड की उत्पत्ति शिव और शक्ति से हुई है। उन्होंने भौतिकी के द्वैत सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि पदार्थ और ऊर्जा में अंतर करना कठिन है, ठीक उसी प्रकार शिव और शक्ति का सिद्धांत संपूर्ण ब्रह्मांड का मूल मॉडल है। उन्होंने यह भी कहा कि चेतना का विस्तार और उसका सूक्ष्म स्वरूप हमें यह सिखाता है कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य परमसत्ता की अनुभूति करना है।महाशिवरात्रि उसी सर्वोच्च सत्ता तक पहुंचने का आध्यात्मिक पर्व है। क्योंकि योग के माध्यम से ही आत्मा परमब्रह्म शिव की पहचान कर आंतरिक शांति प्राप्त कर सकती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थानीय सेवा केंद्र की संचालिका बीके अनामिका दीदी ने कहा कि जब- जब धर्म की ग्लानि होती है, तब परमात्मा स्वयं अवतरित होकर विश्व परिवर्तन का कार्य कराते हैं। उन्होंने बताया कि शिव बाबा सच्चे ज्ञान के माध्यम से आत्माओं के संस्कारों में परिवर्तन कर उन्हें परमधाम की ओर ले जाते हैं, जिसे शिव की बारात कहा जाता है। उन्होंने शिव पूजन की प्रतीकात्मकता समझाते हुए कहा कि धतूरा, बेर आदि हमारी बुराइयों के प्रतीक हैं, जिन्हें हमें त्यागना चाहिए। बेलपत्र की तीन पत्तियां ब्रह्मा, विष्णु और शंकर की स्मृति दिलाती हैं तथा त्रिमूर्ति स्वरूप की याद दिलाती हैं। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संकल्प और विश्व शांति के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर जेपी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रमेंद्र कुमार बाजपेई, जेपीयू के दर्शन शास्त्र के विभागाध्य प्रो सुशील कुमार श्रीवास्तव, स्थानीय सेवा केंद्र की संचालिका बीके अनामिका दीदी, संगीत शिक्षिका प्रियंका कुमारी, ऋचा कुमारी, प्रयागराज के बीके अरविंद भाई, राजा भाई, बीके प्रियांशु और वीणा बहन सहित कई अन्य भाई और बहने मौजूद रही।

