यूजीसी बिल से उच्च शिक्षा में अराजकता का खतरा: अधिवक्ता चंद्रशेखर द्विवेदी
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सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी प्रखंड के ताजपुर पंचायत निवासी तथा पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चंद्रशेखर द्विवेदी ने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित बिल पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताया है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में व्याप्त असमानता दूर करने के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया यूजीसी बिल समाज में अराजक स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
अधिवक्ता द्विवेदी ने कहा कि दलितों और महादलितों को न्याय दिलाना निस्संदेह आवश्यक और सराहनीय है, लेकिन इसके नाम पर सवर्ण छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों और वहां कार्यरत कर्मचारियों के हितों पर जो कुठाराघात किया जा रहा है, वह चिंताजनक है। उन्होंने इस मुद्दे पर सवर्ण जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे समाज में अविश्वास का माहौल बन रहा है।
उन्होंने यूजीसी बिल की विभिन्न खामियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह नीति संतुलन के बजाय टकराव को बढ़ावा दे सकती है, जिसका असर आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक समरसता दोनों पर पड़ेगा।
इस अवसर पर सेवा निवृत्त पुलिस के ज़बान अमरेन्द्र दुबे, साधु दुबे सहित दर्जनों लोग मौजूद थे, जिन्होंने अधिवक्ता द्विवेदी के विचारों को गंभीरता से सुना।
