स्त्रीवाद, ब्राह्मणवाद और मनुवाद पर स्त्री शक्ति संगठन की वैचारिक गोष्ठी, ऑनलाइन मंच पर हुआ गंभीर विमर्श
नई दिल्ली: संवाददाता प्रेरणा बुड़ाकोटी: स्त्री शक्ति संगठन की ओर से 17 जनवरी 2025 को “अपनी बात” ऑनलाइन कार्यक्रम के अंतर्गत स्त्रीवाद, ब्राह्मणवाद और मनुवाद विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन की मुख्य अध्यक्ष ममता शर्मा सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी महिला चिंतकों और सदस्यों ने भाग लिया तथा सामाजिक संरचनाओं, लैंगिक समानता और वैचारिक टकराव पर खुलकर विचार रखे।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से जुड़ीं तनुजा शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि स्त्रीवाद का मूल उद्देश्य समाज में संतुलन और समानता स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद प्रारंभिक दौर में वेद, ज्ञान और नैतिकता पर आधारित जीवन-दृष्टि थी, लेकिन समय के साथ इसमें जन्म आधारित श्रेष्ठता और भेदभाव की धारणाएं जुड़ती चली गईं। मनुवाद को मनु स्मृति से जुड़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में उसकी विचारधारा मानवता की कसौटी पर खरी नहीं उतरती, क्योंकि वर्तमान भारत संविधान द्वारा संचालित है।
विशाखापत्तनम से जुड़ीं ज्योति राठौर ने कहा कि स्त्रीवाद का अर्थ महिलाओं को सम्मान, अधिकार, समान दर्जा और शिक्षा दिलाना है, ताकि किसी भी स्तर पर उनका शोषण न हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब तक समाज में स्त्री को बराबरी का स्थान नहीं मिलेगा, तब तक समावेशी विकास संभव नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान अन्य सदस्यों ने भी विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने समाधान प्रस्तुत किए। संगठन की अध्यक्षा ममता शर्मा ने कार्यक्रम के अंत में विषय से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने रखते हुए चर्चा को दिशा दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद सामाजिक चेतना को मजबूत करते हैं और वैचारिक स्पष्टता लाने में सहायक होते हैं।
विचार गोष्ठी का समापन सभी प्रतिभागियों के सार्थक और गहन विचारों के साथ हुआ, जिसने कार्यक्रम को बौद्धिक रूप से समृद्ध बनाया।

