रणनीति, धैर्य और निर्णय क्षमता का खेल शतरंज: स्मार्का कप का भव्य समापन
बच्चों में रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करता है शतरंज: डॉ. मनोज कुमार वर्मा ‘संकल्प’
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बच्चों के सर्वांगीण विकास में शतरंज की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए छपरा जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार वर्मा ‘संकल्प’ ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि जीवन का आईना है, जहां हर चाल सोच, संयम और दूरदर्शिता का परिणाम होती है। यदि बच्चों को बचपन से ही इस खेल से जोड़ा जाए, तो उनमें रणनीतिक सोच, धैर्य और नेतृत्व की भावना स्वाभाविक रूप से विकसित होती है। वे यह बातें शहर के उदय इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल परिसर में चेसमाइंड ग्रुप द्वारा आयोजित दो दिवसीय स्मार्का कप चेस प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही।
दो दिवसीय इस प्रतियोगिता के समापन समारोह का मंच संचालन रणधीर कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरीय पत्रकार धर्मेन्द्र कुमार रस्तोगी द्वारा प्रस्तुत किया गया। समारोह के दौरान खेल और शिक्षा के समन्वय पर विशेष जोर दिया गया, जिससे बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में खेलों की भूमिका को मजबूती मिल सके।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार सिंह ने कहा कि शतरंज में जैसे ‘शह’ और ‘मात’ दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, वैसे ही जीवन में जीत और हार दोनों से सीख लेने की जरूरत होती है। उन्होंने अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सार्थक कदम है।
टूर्नामेंट के निदेशक यशपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शतरंज केवल मोहरों का खेल नहीं, बल्कि विचारों की युद्धभूमि है, जहां हर निर्णय सोच-समझकर लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विजेता तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व गढ़ना है जो रणनीति बनाना, धैर्य रखना और सही समय पर सही निर्णय लेना सीखें।
मुख्य निर्णायक राज शेखर ने प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि ओपन कैटेगरी में प्रथम स्थान जैफ हुसैन, द्वितीय अंबर श्रीवास्तव, तृतीय रणधीर सिंह, चतुर्थ प्रेम कुमार, पंचम कुमार शुभम, षष्ठ आदित्य राज, सप्तम अभिनव वत्स, नवां मयंक और दसवां स्थान अपूर्व सिंह को प्राप्त हुआ। अंडर-09 वर्ग में प्रथम रियांश गर्ग और द्वितीय देवांश कुमार रहे, जबकि अंडर-15 वर्ग में प्रथम केशव कुमार, द्वितीय विवान भरद्वाज और तृतीय शौर्य आनंद रहे। बेस्ट फीमेल ट्रॉफी एंजेल को प्रदान की गई, वहीं सांत्वना पुरस्कार आकाश कुमार, आयुष कुमार और प्रियांशु कुमार को दिया गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मनोज कुमार वर्मा ‘संकल्प’, उपाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार सिंह, टूर्नामेंट निदेशक यशपाल कुमार सिंह, वरीय पत्रकार धर्मेन्द्र रस्तोगी, उदय इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के उप-प्रधानाचार्य शुभम कुमार, आयोजन सचिव आदित्य नंदन, संयोजक सह सीनियर नेशनल आर्बिटर कुमार शुभम तथा नेशनल आर्बिटर सन्नी कुमार सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

