“लापरवाही नहीं चलेगी”: सिवान में जिलाधिकारी का सख्त संदेश, हर विभाग को एक सप्ताह में प्रगति लाने का अल्टीमेटम
सिवान (बिहार): जिला पदाधिकारी सिवान श्री विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में सोमवार, 12 जनवरी 2025 को समाहरणालय सभागार में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जहां अंतर्विभागीय समन्वय, विकास योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मनरेगा योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का निर्देश देते हुए चौर क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए ठोस योजना तैयार करने को कहा। ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने का आदेश दिया। भूमि उपलब्धता, अतिक्रमण, सीमांकन और एनओसी से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने अंतर्विभागीय समस्याओं को विकास कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि भूमि से जुड़े मामलों को सीधे पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि एडीएम राजस्व द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका समाधान किया जा सके। विभागीय कार्यवाहियों की समीक्षा में उन्होंने संचालन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि के भीतर रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा।
बैठक में जिला नीलामपत्रवाद, जिला स्तरीय जनता दरबार, सीपी ग्राम, मुख्यमंत्री जनता दरबार, माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से संबंधित मामलों की क्रमवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए कहा कि अनावश्यक विलंब करने वाले पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और कड़ी कार्रवाई होगी।
सेवांत लाभ की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सभी लाभों का प्रस्ताव कम से कम छह माह पूर्व सक्षम प्राधिकार को भेजा जाए, ताकि सेवानिवृत्ति के दिन ही उन्हें सभी देय लाभ प्राप्त हो सकें। उन्होंने जन शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर ठोस प्रगति दिखाने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, कबीर अंत्येष्टि योजना, हर घर नल का जल योजना, पंचायत सरकार भवन, कब्रिस्तान घेराबंदी, महादलित विकास योजना और मंदिर घेराबंदी सहित विभिन्न सामाजिक एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी तथा विभिन्न कार्य विभागों के अभियंता उपस्थित रहे। यह बैठक स्पष्ट रूप से जिले में प्रशासनिक कसावट और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

