सीआरपीएफ से सेवा निवृत्त इंस्पेक्टर ध्रुव मांझी युवाओं को दे रहे मेहनत का संदेश
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी प्रखंड के आदर्श ग्राम पंचायत राज बरेजा निवासी झारखंड के गढ़वा से सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर पद से सेवा निवृत्त हुए ध्रुव मांझी के गांव लौटने पर खुशी और सम्मान का माहौल देखने को मिला। 31 दिसंबर 2025 को सीआरपीएफ की 172 बटालियन से सेवानिवृत्त होने के बाद जब वे अपने पैतृक गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनसे मिलकर प्रसन्नता व्यक्त की। ध्रुव मांझी ने बताया कि सेवा निवृत्ति के अवसर पर कमांडेंट द्वारा आयोजित विदाई समारोह उनके जीवन का एक अविस्मरणीय पल रहा, जिसे वे कभी नहीं भूल सकते।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद अब गांव और समाज के लोगों के बीच रहकर उन्हें आत्मिक शांति और अपार खुशी मिल रही है। बातचीत के दौरान उन्होंने गर्व के साथ यह भी साझा किया कि 15 अगस्त 2019 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति माननीय रामनाथ कोविंद द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया था, जो उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण रहा।
ध्रुव मांझी ने आज के युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए, क्योंकि परिश्रम का फल हमेशा मीठा होता है। उन्होंने बताया कि अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य किया तथा इस दौरान कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने कभी अपने कर्तव्य पथ से विचलित नहीं होने दिया।
इस अवसर पर पंचायत के मुखिया राजेश पाण्डेय, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि ई. कमलेश यादव, बीडीसी सदस्य प्रतिनिधि अजय पांडेय सहित दर्जनों ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर को शुभकामनाएं दीं।

