जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने की शिक्षा विभाग की गहन समीक्षा, 15 दिनों में अतिरिक्त वर्गकक्ष आवश्यकता का आकलन करने का निर्देश
सारण (बिहार): जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने शनिवार को शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में संचालित कक्षाओं के अनुरूप अतिरिक्त वर्गकक्ष की आवश्यकता का 15 दिनों के भीतर आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिन विद्यालयों में पूर्व से निर्मित भवनों के ऊपरी तलों पर तकनीकी रूप से अतिरिक्त वर्गकक्ष बनाए जाने की संभावना है, वहां तकनीकी जांच कराकर प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में छात्राओं के नामांकन और उपस्थिति की एक-एक कर समीक्षा की। समीक्षा में इसुआपुर, मढ़ौरा एवं मशरख स्थित केजीबीवी में छात्राओं की उपस्थिति तुलनात्मक रूप से असंतोषजनक पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन विद्यालयों की छात्राओं के अभिभावकों से संपर्क स्थापित कर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि सभी केजीबीवी में शिक्षिकाओं एवं छात्राओं की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जिसे अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत लागू किया जाए।
जिलाधिकारी ने केजीबीवी में अध्ययनरत बालिकाओं के सर्वांगीण विकास एवं ड्रीम शेपिंग के लिए जिला में पदस्थापित महिला वरीय उप-समाहर्ता एवं अन्य वरीय महिला पदाधिकारियों के माध्यम से मोटिवेशनल सेशन आयोजित कराने का भी निर्देश दिया, ताकि छात्राओं को भविष्य के लिए प्रेरित किया जा सके।
बैठक में वर्ष 2024-25 के SC/ST छात्रवृत्ति के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को 10 दिनों के भीतर लंबित प्रकरणों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। साथ ही वर्ष 2025-26 के पोस्ट मैट्रिक BC/EBC एवं SC/ST स्कॉलरशिप कार्यों को भी तेजी से पूरा करने का निर्देश सभी बीईओ को दिया गया।
आईसीटी आधारित शिक्षा की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 64 विद्यालयों में ICT लैब तथा 117 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिले के 115 चयनित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ICT लैब की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने ICT लैब के लिए एक समसामयिक और उपयोगी पाठ्यक्रम (करिकुलम) तैयार करने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि विद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्रों का अपार (APAAR) आईडी बनाया जा रहा है, जिसमें अब तक लगभग 53 प्रतिशत बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। शेष बच्चों का अपार आईडी बनाने के लिए सभी विद्यालयों में आधार कार्ड निर्माण हेतु विशेष कैंप लगाने तथा इसके लिए रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया।
शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शिकायतों को श्रेणीवार सूचीबद्ध कर समयबद्ध निराकरण की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सेवा से संबंधित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही सभी लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र अविलंब भेजने का भी निर्देश दिया गया।
इस समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) एवं सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

