सारण के अधिवक्ता रौशन बने गौरव, पीएचडी उपाधि के साथ एलएल.एम. में स्वर्ण पदक हासिल
सारण (बिहार): पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रौशन ने शैक्षणिक और बौद्धिक क्षेत्र में एक साथ दो बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे सारण जिले का नाम रोशन किया है। चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, पटना में 3 जनवरी 2025 को आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह में उन्हें डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई। यह उपलब्धि वर्षों की कड़ी मेहनत, गहन शोध और अकादमिक समर्पण का परिणाम मानी जा रही है।
इस गरिमामय दीक्षांत समारोह में रौशन को पीएचडी की उपाधि का प्रमाण-पत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश के हाथों प्रदान किया गया। यह क्षण उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और शुभचिंतकों के लिए भी अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। उनकी यह सफलता यह दर्शाती है कि निरंतर परिश्रम और अनुशासन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने से बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं।
इसी समारोह में अधिवक्ता रौशन ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज कराई। उन्होंने एलएल.एम. (संवैधानिक विधि) में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जो उन्हें पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रदान किया गया। संवैधानिक विधि जैसे गहन और महत्वपूर्ण विषय में प्रथम स्थान प्राप्त करना उनकी विधिक समझ, अध्ययनशीलता और बौद्धिक क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।
उल्लेखनीय है कि रौशन, श्री दिनेश कुमार सिंह के सुपुत्र हैं और उत्तर दहियावां टोला, छपरा, सारण जिले के निवासी हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर परिवारजनों, रिश्तेदारों, शिक्षकों, मित्रों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर है। जिले के बुद्धिजीवियों और विधि क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे सारण के लिए प्रेरणादायक बताया है।
अधिवक्ता रौशन की यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे सारण जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के छात्रों और युवा अधिवक्ताओं को उच्च शिक्षा, शोध और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

