माँ सरस्वती काव्य मंच पर बसंत पंचमी की साहित्यिक गूंज, निराला की रचनाओं से सजा राष्ट्रीय काव्य उत्सव
23 जनवरी 2026
नई दिल्ली: संवाददाता प्रेरणा बुड़ाकोटी: बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती राष्ट्रीय काव्य मंच पर साहित्य, संस्कृति और सृजन का भव्य संगम देखने को मिला। मंच के संस्थापक एवं आयोजक श्री महेश प्रसाद शर्मा के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में देशभर के प्रख्यात कवियों और साहित्यकारों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
इस विशेष काव्य गोष्ठी में महान हिंदी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। निराला की रचनाओं के पाठ के माध्यम से भारतीय संस्कृति, समाज, सत्य, वीरता, प्रेम और ईमानदारी जैसे मूल्यों को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया। कवियों ने निराला की कविताओं को आज के सामाजिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ते हुए उन्हें प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम में हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, गुजरात और ओडिशा सहित देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। सभी कवियों की प्रस्तुतियों ने मंच को एक राष्ट्रीय साहित्यिक उत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया।
इस अवसर को और भी गरिमामय बनाते हुए संस्थापक महेश प्रसाद शर्मा ने वर्ष 2026 के सरस्वती राष्ट्रीय सम्मान की घोषणा की। सम्मानित किए जाने वाले साहित्यकारों के नामों की घोषणा के साथ-साथ मोमेंटो एवं सम्मान पत्र का प्रदर्शन भी किया गया। इस सम्मान के लिए चयनित साहित्यकारों में डॉ. रतिराम गढ़ेवाल (रायपुर), डॉ. ऋषिका वर्मा (गढ़वाल), श्रीमती जानकी सोनी (जबलपुर), मनीषा नामदेव (जबलपुर), सीमा गुप्ता (दिल्ली), प्रतिभा भट्ट (सागर), डॉ. नताशा कुशवाहा (मंडला), श्वेता प्रसाद (हैदराबाद) और डॉ. रूपाली गर्ग (नवी मुंबई) शामिल हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी साहित्यकारों ने एक-दूसरे को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं और माँ सरस्वती से साहित्य जगत की निरंतर उन्नति की कामना की। यह काव्य गोष्ठी न केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति का मंच बनी, बल्कि हिंदी साहित्य की राष्ट्रीय एकता और सृजनशीलता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गई।

