‘एक फूल दो माली’ की तर्ज पर मांझी का किशोर बना पुलिस के लिए पहेली, दो जिलों की दो माताओं में बेटे को लेकर टकराव
सारण (बिहार) संवाददाता नितेश सिंह: फिल्म एक फूल दो माली की कहानी को साकार करता एक हैरान करने वाला मामला मांझी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक मंदबुद्धि किशोर सारण और दरभंगा पुलिस के लिए गंभीर पहेली बन गया है। कथित तौर पर 17 वर्षीय इस किशोर को अपना पुत्र बताने वाली सारण और दरभंगा की दो महिलाएं आधार कार्ड के सहारे एक-दूसरे से उलझ गई हैं और बेटे को पाने की जद्दोजहद में आमने-सामने आ गई हैं।
सारण जिले के मांझी स्थित नटवर गोपी गांव निवासी स्वर्गीय विशुनदेव राय की पत्नी उषा देवी का दावा है कि करीब पांच माह पूर्व रहस्यमय ढंग से लापता हुआ उनका पुत्र राहुल राय इस समय दरभंगा जिले के बरौल थाना क्षेत्र अंतर्गत महम्मदपुर बुआरी गांव निवासी स्वर्गीय श्याम सुंदर मुखिया की पत्नी शोभना मुखिया के कब्जे में है। उषा देवी के अनुसार उनका पुत्र मंदबुद्धि है और अक्सर घर से गायब हो जाया करता था।
वहीं दरभंगा की महिला शोभना मुखिया का दावा है कि राहुल नाम का वही किशोर उनका मंझला पुत्र है और वह वर्षों से उन्हीं के साथ रह रहा है। मामले को और उलझाने वाली बात यह है कि उषा देवी के पास मौजूद आधार कार्ड में किशोर की उम्र 17 वर्ष दर्ज है, जबकि शोभना मुखिया के आधार कार्ड में राहुल की उम्र 27 वर्ष अंकित है। उम्र और पहचान को लेकर यह विरोधाभास पुलिस जांच को और जटिल बना रहा है।
उषा देवी ने मंगलवार को मांझी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अपने पुत्र राहुल राय की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है। प्राथमिकी में उन्होंने बताया है कि दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उनका पुत्र दरभंगा में नाचते-गाते दिखाई दिया था। वीडियो देखने के बाद परिजन उसे खोजते हुए दरभंगा पहुंचे और शोभना मुखिया से पुत्र को सौंपने का आग्रह किया।
पीड़िता का आरोप है कि मौके पर जुटे ग्रामीणों के सहयोग से दरभंगा की उक्त महिला ने उषा देवी समेत मांझी से गए अन्य परिजनों को खदेड़कर भगा दिया। इसके बाद परिजनों ने मांझी थाना में मामला दर्ज कराया। प्राथमिकी दर्ज होते ही मांझी थाना पुलिस इस फिल्मी और लोमहर्षक मामले की गहराई से जांच में जुट गई है। पुलिस दोनों जिलों के स्तर पर समन्वय स्थापित कर किशोर की वास्तविक पहचान और सच्चाई सामने लाने का प्रयास कर रही है।

