बिहार: दो माताओं के दावे की जंग खत्म, फिंगरप्रिंट जांच में बच्चे को लेकर उषा देवी का दावा सही
सीडब्ल्यूसी जांच में सच उजागर: मंदबुद्धि किशोर पर सारण की मां का दावा सही, दरभंगा की महिला का झूठा दावा बेनकाब
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मंदबुद्धि किशोर को अपना पुत्र बताने वाली सारण और दरभंगा की दो महिलाओं के बीच चल रही जंग का अंत आखिरकार हो गया। सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) द्वारा कराई गई जांच में यह स्पष्ट हो गया कि किशोर सारण जिले की महिला उषा देवी का ही पुत्र है, जबकि दरभंगा की महिला शोभना मुखिया का दावा पूरी तरह गलत पाया गया। जांच के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया है और किशोर की घर वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
मामले की जानकारी देते हुए मरहा पंचायत के पूर्व मुखिया परमहंस प्रसाद ने बताया कि सीडब्ल्यूसी द्वारा फिंगरप्रिंट जांच कराई गई, जिसके बाद ओटीपी उषा देवी के मोबाइल पर आया और इससे यह प्रमाणित हो गया कि बरामद किशोर मांझी थाना क्षेत्र के नटवर गोपी निवासी स्वर्गीय विशुनदेव यादव का पुत्र राहुल राय ही है। जांच पूरी होने के बाद दरभंगा पुलिस ने परिजनों को फोन कर इसकी आधिकारिक जानकारी दी और किशोर को अपने कब्जे में ले लिया।
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रशिक्षु डीएसपी सह मांझी के थानाध्यक्ष देव आशीष हंस ने बताया कि मांझी थाना पुलिस द्वारा दरभंगा में आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर किशोर को शीघ्र ही उसके परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, ताकि किशोर को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि करीब पांच माह पूर्व यह मंदबुद्धि किशोर अपने घर से भटककर दरभंगा पहुंच गया था। वहां बरौल थाना क्षेत्र के महम्मदपुर बुआरी गांव निवासी स्वर्गीय श्याम सुंदर मुखिया की पत्नी शोभना मुखिया के घर पहुंचने के बाद उन्होंने किशोर को अपना पुत्र बताते हुए अपने पास रख लिया था। बाद में जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली, तो मांझी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर अपने पुत्र की सकुशल वापसी की गुहार लगाई गई।
सीडब्ल्यूसी जांच में सच्चाई सामने आने और किशोर की शीघ्र घर वापसी की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिजन और ग्रामीण लंबे समय से जिस पल का इंतजार कर रहे थे, वह अब पूरा होने जा रहा है।

