विश्व हिंदी परिषद, अमेरिका की महामंत्री बनीं कादम्बरी शंकर आदेश, साहित्य जगत में हर्ष
फ्लोरिडा/नई दिल्ली। हिंदी और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार को नई ऊर्जा देते हुए विश्व हिंदी परिषद, भारत ने प्रसिद्ध कलाकार, कवयित्री और सांस्कृतिक राजदूत श्रीमती कादम्बरी शंकर आदेश को विश्व हिंदी परिषद, अमेरिका के महामंत्री पद पर मनोनीत किया है। उनके मनोनयन की घोषणा होते ही देश-विदेश के हिंदी प्रेमियों और साहित्यिक जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
श्रीमती कादम्बरी शंकर आदेश मूल रूप से भारत से संबंध रखती हैं और वर्तमान में अपने परिवार के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में निवास कर रही हैं। वे पिछले कई दशकों से हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति, साहित्य और संगीत के संरक्षण एवं प्रचार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। भारतीय शास्त्रीय एवं आधुनिक संगीत की प्रस्तुतियों के साथ-साथ उन्होंने मानवता, महिला शिक्षा, प्रकृति संरक्षण और देश-भक्ति जैसे विषयों पर आधारित कविताओं व गीतों के माध्यम से विशेष पहचान बनाई है। इसके अतिरिक्त वे ऑनलाइन और प्रत्यक्ष कक्षाओं के माध्यम से नई पीढ़ी को हिंदी, संगीत और साहित्य का प्रशिक्षण भी दे रही हैं।
उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें विश्व हिंदी सम्मान 2025, कर्मवीर सम्मान 2025, साहित्य साधिका सम्मान 2024 सहित कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इन उपलब्धियों ने उन्हें वैश्विक स्तर पर हिंदी की प्रभावशाली प्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया है।
इस अवसर पर विश्व हिंदी परिषद से जुड़े डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि कादम्बरी शंकर आदेश जैसी सृजनशील और समर्पित व्यक्तित्व को अमेरिका इकाई का नेतृत्व सौंपना संगठन के लिए गर्व की बात है। उनका अनुभव, रचनात्मकता और ऊर्जा हिंदी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक सशक्त बनाएगी।
वहीं राष्ट्रीय संपर्क समन्वयक डॉ. नंदकिशोर साह ने बताया कि कादम्बरी शंकर आदेश के मार्गदर्शन में विश्व हिंदी परिषद, अमेरिका आगामी वर्ष में कई शैक्षिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी की वैश्विक पहुंच को और मजबूती मिलेगी तथा प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ विदेशी समुदायों में भी हिंदी के प्रति रुचि बढ़ेगी।
कादम्बरी शंकर आदेश के मनोनयन पर अनेक पत्रकारों, साहित्यकारों, लेखकों और कवियों ने बधाई देते हुए इसे हिंदी साहित्य और संस्कृति के लिए एक सकारात्मक एवं दूरगामी कदम बताया है।

