अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड में छपरा की बेटी अवनी का डंका, द्वितीय स्थान हासिल कर बढ़ाया सारण का मान
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के लिए यह क्षण गर्व और गौरव से भरा है, जब जलालपुर प्रखंड अंतर्गत सकड्डी गांव की होनहार बेटी अवनी ने अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड 2025 में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जिले का नाम देश-विदेश में रोशन कर दिया। अवनी की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है।
अवनी पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय आयुध भंडार, रोटी रसूलपुर (छपरा) की छात्रा हैं और प्रकाश सिंह की पुत्री हैं। हिंदी भाषा के प्रति गहरी समझ, सशक्त लेखन शैली और विषय की बारीकियों पर मजबूत पकड़ के कारण उन्होंने हजारों प्रतिभागियों के बीच यह प्रतिष्ठित स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता नई दिल्ली स्थित हिंदी ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई थी, जिसमें देश-विदेश के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
ग्रामीणों और शिक्षकों का कहना है कि अवनी की सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण परिवेश में रहकर भी कड़ी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि ने क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।
अवनी के मामा एवं वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद अवनी ने आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास तथा शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया है। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और सहपाठी इस सफलता को विद्यालय के लिए ऐतिहासिक क्षण बता रहे हैं।
जैसे ही अवनी की सफलता की खबर गांव पहुंची, पूरे सकड्डी गांव में जश्न का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। अवनी की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सारण जिले के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि हिंदी भाषा में दक्षता और समर्पण से भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।

