जब आवाज़ बनी हथियार: फाइलेरिया उन्मूलन की लड़ाई में सामुदयिक रेडियो बना भरोसेमंद साथी
‘सेहत सही, लाभ कई’ के ज़रिये घर-घर पहुँची जागरूकता, हजारों ज़िंदगियों को मिला स्वास्थ्य का सहारा
सारण (बिहार): जहाँ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की कमी बीमारी को बढ़ावा देती है, वहीं सही समय पर दी गई जागरूकता जीवन बचाने का काम करती है। फाइलेरिया जैसी गंभीर और विकलांगता देने वाली बीमारी के खिलाफ इसी सोच को ज़मीन पर उतारने का कार्य कर रहा है रेडियो मयूर, छपरा, जो स्मार्ट संस्था, नई दिल्ली एवं भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के सहयोग से ‘सेहत सही, लाभ कई’ नामक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम को दिसंबर 2024 से लगातार संचालित कर रहा है।
यह कार्यक्रम सिर्फ रेडियो प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदाय के बीच जाकर व्यवहार परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को फाइलेरिया सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना, स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ना और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना है।
कार्यक्रम के माध्यम से फाइलेरिया के प्रति जागरूकता का संदेश:
फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो समय पर इलाज और दवा सेवन न होने पर आजीवन विकलांगता का कारण बन सकती है। इसी खतरे को देखते हुए रेडियो मयूर ने फाइलेरिया के लक्षण, बचाव, दवा सेवन और उपचार पर विशेष फोकस किया है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश लगातार दिया जा रहा है कि फाइलेरिया की दवा सुरक्षित है और इसका नियमित सेवन बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का विशेष संदेश रेडियो मयूर के माध्यम से आम जनता तक प्रसारित किया गया, ताकि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुँच सके।
रेडियो मयूर की खासियत यह है कि यह सिर्फ स्टूडियो में बैठकर कार्यक्रम प्रसारित नहीं करता, बल्कि जमीनी स्तर पर समुदाय के बीच जाकर संवाद स्थापित करता है। रेडियो मयूर के कम्युनिटी रिपोर्टर्स गांव-मोहल्लों में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर लोगों को फाइलेरिया और अन्य बीमारियों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
• डोर टू डोर एक्टिविटी: टीम के सदस्य घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा लेने के लिए प्रेरित करते हैं और उनके डर व शंकाओं का समाधान करते हैं।
• नैरोकास्टिंग: एक स्थान पर लोगों को एकत्र कर सीधे संवाद के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती है और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने जाते हैं।
• इंटरव्यू व प्रसारण: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के इंटरव्यू रेडियो व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर सही और प्रमाणिक जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जाती है।
समग्र स्वास्थ्य पर फोकस
‘सेहत सही, लाभ कई’ कार्यक्रम के तहत केवल फाइलेरिया ही नहीं, बल्कि टीबी, गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल, बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य, पोषण जैसे अहम विषयों पर भी लगातार चर्चा की जाती है। इन प्रयासों से अब तक हजारों लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो चुके हैं। रेडियो मयूर के इस अभियान को सदर अस्पताल छपरा, फाइलेरिया विभाग, टीबी विभाग, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, संजीवनी हॉस्पिटल, लाइफकेयर हॉस्पिटल, होम हॉस्पिटल सहित कई संस्थाओं का सक्रिय सहयोग प्राप्त है। जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता फैलाकर वास्तविक बदलाव लाने के इस प्रयास के लिए रेडियो मयूर को भारत सरकार द्वारा हाल ही में नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है, जो इसकी प्रभावशीलता का प्रमाण है।
स्टेशन हेड का संदेश
रेडियो मयूर के स्टेशन हेड अभिषेक अरुण कहते हैं रेडियो मयूर हमेशा से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता देता आया है। स्वास्थ्य विभाग का पूरा सहयोग हमें मिलता है। श्रोता हम पर भरोसा करते हैं और हमारी बातों को अपनाते हैं। हमारा प्रयास है कि आमजन तक सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचें और लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आए, जिससे उनका स्वास्थ्य बेहतर हो सके।”
टीम की अहम भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में कैंपेन डायरेक्टर सुष्मिता पल्लवी, कविश कुमार, पुनीतेश्वर पुनीत, श्वेता कुमारी, शुभम कुमार, सुलोचना शॉ सहित पूरी टीम की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही है। रेडियो मयूर ‘सेहत सही, लाभ कई’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील करता है कि वे फाइलेरिया के प्रति जागरूक रहें, दवा का सेवन करें और इस बीमारी के उन्मूलन में अपनी भागीदारी निभाएं। क्योंकि जब जानकारी सही हो, तो सेहत भी सही होती है।

