बाल हृदय योजना से मिला नया जीवन, IGIC पटना में 14 बच्चों का निःशुल्क हृदय उपचार सफल
पटना (बिहार): बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं—राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और बाल हृदय योजना (BHY)—के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को लगातार जीवनदान मिल रहा है। इसी क्रम में 08 और 09 जनवरी 2026 को इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC), पटना में कुल 14 बच्चों का बिना चीर-फाड़ की आधुनिक डिवाइस क्लोजर विधि से सफलतापूर्वक निःशुल्क उपचार किया गया। यह संपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
इन बच्चों का उपचार वरिष्ठ बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अवस्थी (इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, एस्कॉर्ट्स, नई दिल्ली) एवं डॉ. पूजा कुमारी (IGIC, पटना) द्वारा किया गया। डिवाइस क्लोजर जैसी आधुनिक तकनीक से बच्चों को बिना बड़े ऑपरेशन के सुरक्षित उपचार मिला, जिससे उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त हुआ।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और बाल हृदय योजना के तहत बिहार के विभिन्न जिलों से चिन्हित निर्धन परिवारों के बच्चों को उच्चस्तरीय एवं पूर्णतः निःशुल्क हृदय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस उद्देश्य से इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, पटना को राज्य स्तरीय समर्पित संस्थान के रूप में नामित किया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा निरंतर उपचार किया जा रहा है।
इस जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को सफल बनाने में डॉ. विरेंद्र कुमार सिंह (नोडल पदाधिकारी, RBSK एवं BHY), डॉ. एन. के. अग्रवाल (बाल हृदय रोग विशेषज्ञ), डॉ. अश्विका नंदन भरतवासी, सीटीवीएस ओटी बैकअप टीम, इको विभाग की प्रभारी मधु रंजन, कैथ लैब प्रभारी हीरा कुमारी तथा अस्पताल समन्वयक डॉ. अमरनाथ केशरी सहित चिकित्सकीय, नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
उल्लेखनीय है कि अब तक IGIC पटना में कुल 438 जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का डिवाइस क्लोजर विधि से सफल उपचार किया जा चुका है। यह उपलब्धि बिहार में बाल हृदय चिकित्सा सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
राज्य सरकार के इन प्रयासों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के जीवन में नई आशा और मुस्कान लौट रही है। समय पर जांच, विशेषज्ञ परामर्श और निःशुल्क उपचार से न केवल बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है, बल्कि उनके परिजनों को भी बड़ी राहत मिल रही है।

