सब-इंस्पेक्टर बनने के बाद रिश्तों में आई दरार, पति के पहनावे से शर्मिंदगी बता पत्नी ने मांगा तलाक
भोपाल (मध्यप्रदेश) संवाददाता राजकुमार दुबे: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक सोच और वैवाहिक रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर बनी एक महिला ने अपने ही पति से तलाक की मांग की है। हैरानी की बात यह है कि मामला न तो दहेज से जुड़ा है और न ही घरेलू हिंसा से, बल्कि पति के पहनावे और सामाजिक पहचान को तलाक की वजह बताया गया है।
मामला भोपाल के कुटुंब न्यायालय तक पहुंच चुका है, जहां काउंसलिंग के दौरान भी पत्नी अपने निर्णय पर अडिग रही। पत्नी का साफ कहना है कि वह अब पति के साथ नहीं रहना चाहती और तलाक चाहती है।
गोपनीयता के चलते बदले गए नामों के अनुसार, पत्नी नीलम (परिवर्तित नाम) वर्तमान में पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है, जबकि पति अमन (परिवर्तित नाम) पारंपरिक पुरोहिताई का कार्य करता है। पत्नी का कहना है कि पति धोती-कुर्ता पहनता है और शिखा रखता है, जिससे उसे सार्वजनिक स्थानों पर उसके साथ जाने में शर्मिंदगी महसूस होती है। उसका यह भी आरोप है कि पति की जीवनशैली और सामाजिक हैसियत उसके पद के अनुरूप नहीं है।
काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने यह तक कह दिया कि पति में इतनी हैसियत नहीं है कि वह उसे अपने साथ रख सके। इस बयान ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।
दूसरी ओर, पति ने कुटुंब न्यायालय में अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि शादी के समय पत्नी बेरोजगार थी। उसने पुरोहिताई के माध्यम से घर का खर्च चलाया, पत्नी की पढ़ाई में सहयोग किया, स्नातक तक पढ़ाया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में हरसंभव मदद की। पति का कहना है कि पत्नी की सफलता के पीछे उसका त्याग और समर्थन रहा है, लेकिन अब उसी सफलता के बाद उसे हीन भावना का शिकार बनाया जा रहा है।
पति ने यह भी बताया कि पत्नी के शब्दों से वह मानसिक रूप से टूट चुका है, बावजूद इसके वह छह साल पुराने इस वैवाहिक रिश्ते को बचाने की अंतिम कोशिश कर रहा है।
फिलहाल यह मामला कुटुंब न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के स्तर पर काउंसलिंग के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास जारी है, लेकिन पत्नी अपने तलाक के निर्णय से पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रही है।
यह प्रकरण समाज में बदलते रिश्तों, पद, प्रतिष्ठा और अहंकार के टकराव की एक गहरी तस्वीर प्रस्तुत करता है, जहां सफलता के बाद मानवीय रिश्ते और संस्कार पीछे छूटते नजर आ रहे हैं।

